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पिता द्वारा बैंक में जमा पूंजी खर्च करने एवं शादी में अड़ंगा डालने पर पुत्र ने पिता को टुकड़े-टुकड़े कर दिया

पिता द्वारा बैंक में जमा पूंजी खर्च करने एवं शादी में अड़ंगा डालने पर पुत्र ने पिता को टुकड़े-टुकड़े कर दिया

तीन दिनों के अंदर पितृहंता पुत्र को करंजी पुलिस ने किया गिरफ्तार

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गोपाल सिंह विद्रोही//प्रदेश खबर प्रमुख छत्तीसगढ़//बिश्रामपुर- शादी तय होने के बाद भी पिता द्वारा न किए जाने के साथ ही बैंक में जमा पूंजी फिजूल खर्च कर न दिए जाने से खफा पुत्र ने अपने पिता को तीन दिन पूर्व जघन्य हत्या कर पुलीस चौकी में शिकायत पिता की हत्या किसी के द्वारा किए जाने की शिकायत करने वाला पितृहंता प्रार्थी पुत्र ही हत्यारा निकला जिसे 3 दिन के अंदर ही करंजी पुलिस चौकी ने गिरफ्तार करने में सफलता अर्जित कि है।
जानकारी के अनुसार आरोपी पुत्र बिक्रम राजवाडे पिता स्वः सुकुल साय राजवाडे जाति रजवार उम्र 23 वर्ष सा० दतिमा (आमापारा) चौकी करंजी थाना विश्रामपुर जिला सूरजपुर द्वारा 12 अप्रैल को करंजी रेलवे स्टेशन समीप अपने पिता को कुल्हाड़ी से हत्या कर करंजी चौकी में अज्ञात व्यक्ति द्वारा अपने पिता सुकून से रजवाड़ों को हत्या किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई परंतु शक की सुई पुत्र पर जा टिकी।कड़ी पुछताछ पर पुत्र विक्रम ने बताया कि वर्ष 2014 में मेरे बाबा महिपत जमीन बिकी किये थे। जिसका एक लाख रूपया मेरे पिता सुकुल साथ के नाम पर बैंक में जमा कर फिक्स किये थे। जो घर में शादी विवाह परिवार की आवश्यकता पड़ने पर उस पैसे को निकाल कर उपयोग किया जा सके कि पिछले साल मेरा विवाह तय हुआ था। जो शादी के लिये अपने पिताजी को बैंक से पैसा निकालने के लिये बोला तो पिता सुकुल साय ने बोला कि पैसा नहीं है। मैं बैंक से पैसा निकाल कर खर्च कर दिया हूँ। पैसे की कमी से पिछले साल इसका विवाह नहीं हो पाया इस साल इसके पिता बिक्रम का विवाह बतरा निवासी गोपी राजवाडे के लड़की से तय किया था। जो पिता को लडकी पसंद नही थी। विवाह करने से मना कर दिया था। फिर भी इसके पिता सुकुल अपने मर्जी से विवाह का तारिक 21 अप्रैल 2024 को रख दिये थे। विवाह करने के लिये इसके पिता फिर से जमीन बिकी करने को बोल रहा था। इसी बात को लेकर दिनांक 11 अप्रैल को शाम को झगड़ा हुआ था। उसी बात को लेकर अपने पिता का हत्या करने का योजना बनाया था। इसके पिता हाइड्रोसिल बिमारी का जगंली जडी बुटी देकर ईलाज करते थे। अपने पिता के हत्या के लिये सुनसान जगह का तलास कर रहा था। तो अपने दोस्त को हाइड्रोसिल बिमारी का दवा चाहिये का बहाना अपने पिताजी से बोलकर साथ दवा लाने के लिये बोला था। तो उसके पिताजी तैयार हो गये और बोले कि सुबह भोर में मुझे उठाकर जड़ी बुटी लेने ले चलना तब यह योजना के अनुसार अपने पिताजी को दिनांक 12 अप्रैल के भोर करीब 3.10 बजे अपने मोबाईल नम्बर 6268182526 से अपने पिता केमोबाईल नम्बर 8717921062 में फोन लगाकर जगाया और घर में रखे टांगी को जिसे इसका पिता जड़ी बुटी काटते थे। को लेकर घर से निकलकर कुछ ही दूर में गोलाई के पास अपने पिता का इंतजार करने लगा कुछ देर बाद इसके पिता घर से बिना नमबर लाल रंग के होण्डा मोटर सायकल में आये और रूके तब यह मोटर सायकल के पिछे बैठ गया फिर अपने पिता को बहाना से सुनसान जगह रेल्वे साइंच्डग करंजी के तरफ करंजी झूमरपारा रोड की और चलने को कहा जैसे ही रेल्वे साइंडिग से पहले पुलिया के पास सुनसान जगह के पास पहुंचे तो यह मौका पाकर मोटर सायकल को रुकवाया और रोकते ही बिक्रम राजवाडे अपने हाथ में रखे टांगी से अपने पिता सुकुल साय के पिछे गर्दन मे वार कर दिया जिससे इसके पिताजी जमीन पर गिर गया गिरने पर पुनः टांगी से गर्दन एवं चेहरा में कई बार प्रहार कर हत्या कर दिया तथा मोटर सायकल को उसके उपर गिरा दिया हत्या करने के बाद टांगी की वहा से कुछ दुरी पर खेत के मेड के पास आडी मे छुपा दिया था। और से पैदल अपने घर दतिमा आमापारा आ गया और हत्या करते समय खुन के छिटे लगे पहने कपड़ा व टी शर्ट जीन्स व सेण्डल को अपने घर के सामने टयूवेल के पास नहानी घर में छुपा दिया था। पुलीस ने आरोपी के निशानदेही में जप्त किया गया । आरोपी बिकम राजवाडे के कबूल नाम है पर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया । इस कार्यवाही में निरीक्षक अलरिक लकड़ा थाना प्रभारी बिश्रामपुर, सउनि अरूण कुमार गुप्ता चौकी प्रभारी करंजी, सउनि राकेश यादव सायबर सेल प्रभारी सूरजपुर एंव सउनि मनोज द्विवेदी, सउनि वरूण तिवारी प्रधान आरक्षक राम निवास तिवारी, राजुकमार सिंह, बिकास सिंह नग आरक्षक मितेश मिश्रा, जितेन्द्र सिंह, दीपक सिंह, ज्ञानेन्द्र प्रमार, दीपक किस्पोटटा, लालमून राजवाडे, जेम्स कुजूर, महिला आरक्षक पुनम सिंह, युवराज यादव, सक्रिय रहे। नारायण परिव चन्देवन्य पशमना, कैनिता राजीवाई आदि का योगदान रहा

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