सफलता की कहानी नियद नेल्लानार योजना : माओवाद प्रभावित ग्रामों को शासन की योजनाओं से जोड़ने अनूठी पहल

सफलता की कहानी नियद नेल्लानार योजना : माओवाद प्रभावित ग्रामों को शासन की योजनाओं से जोड़ने अनूठी पहल
संवेदनशील ग्रामों में भी अब उपलब्ध हो रहा शुद्ध पेयजल
जलजीवन मिशन के तहत 14 सोलर ड्यूल पंपों की स्थापना से ग्रामीणों को लाभ

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

उत्तर बस्तर कांकेर/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर संभाग के संवेदनशील एवं माओवाद प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए नियद नेल्लानार योजना लागू की है, जिसके तहत विभिन्न विभागों में संचालित योजनाओं की पहुंच चयनित गांवों में सुनिश्चित की जा रही है। योजनांतर्गत जिले के कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के क्लस्टर ग्राम पानीडोबीर सहित 07 गांवों में जिला प्रशासन द्वारा सतत् विकास कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है। शत-प्रतिशत ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने लगातार कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं। इसके तहत सड़क सम्पर्क, पुल-पुलिया निर्माण, आधार एवं राशन कार्ड बनाने, वन अधिकार पट्टा देने सहित स्वास्थ्य, विद्युत और पेयजल जैसी अनेक आवश्यक सेवाओं व सुविधाओं को सुलभ एवं सुचारू बनाने के भगीरथ प्रयास प्रशासन द्वारा किए जा रहे हैं।
नियद नेल्लानार योजना के तहत चयनित ग्राम पानीडोबीर सहित आलपरस, हेटारकसा, गुन्दूल, अलपर, जुगड़ा और चिलपरस के ग्रामीणों को जलजीवन मिशन के तहत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सहयोग से क्रेडा द्वारा सोलर (सौर उर्जा) आधारित ड्यूल पंपों की स्थापना की गई है। सहायक अभियंता क्रेडा ने बताया कि जलजीवन मिशन के तहत नल-जल योजना से जिले के नियद नेल्लानार योजनांतर्गत चिन्हांकित 07 गांवों में 14 नग सोलर आधारित ड्यूल पंपों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए उक्त कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि चयनित ग्राम पानीडोबीर में 01 नग, आलपरस में 03, हेटारकसा में 02, गुन्दूल और मर्राम में 02, अलपर में 01, जुगड़ा में 02 तथा ग्राम चिलपरस में 03 नग, इस प्रकार कुल 14 सोलर आधारित ड्यूल पंपों की स्थापना का कार्य क्रेडा द्वारा पूर्ण कर लिया गया है, जिससे ग्रामवासियों को शुद्ध पेयजल मिलने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में कुएं और हैण्डपंप से पानी भरना पड़ता था, जिसमें अतिरिक्त मेहनत के साथ ही काफी समय भी लगता था। वहीं गर्मी के दिनों में भूजल स्तर में गिरावट आ जाने से गांव के अधिकांश कुएं सूख जाते थे और पानी की शुद्धता भी बहुत अच्छी नहीं रहती थी। सोलर आधारित ड्यूल पंपों की स्थापना के बाद अब हर घर नल-जल कनेक्शन से ग्रामवासियों के प्रत्येक घर में स्वच्छ और शुद्ध पेयजल आपूर्ति हो रही है। इससे ग्रामीणों में शासन की योजनाओं के प्रति विश्वसनीयता बढ़ी है, साथ ही दैनिक जीवन में आशातीत व सकारात्मक परिवर्तन दृष्टिगोचर हो रहा है। नियद नेल्लानार योजना से इन गांवों में अब विकास की अविरल धारा प्रवाहित हो रही है।