अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2025: बस्तर में शांति, खेल और विकास का उत्सव

अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2025: बस्तर में शांति, खेल और विकास का उत्सव

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खेल के जरिए बस्तर की नई पहचान

रायपुर, 2 मार्च 2025 – अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2025 केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर की समृद्ध संस्कृति, शांति और विकास का प्रतीक बन चुका है। इस प्रतिष्ठित मैराथन में देश-विदेश के हजारों धावकों ने भाग लिया और अमन, चैन और खुशहाली का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस आयोजन को बस्तर क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से बस्तर में शांति और विकास की नई राह खुली है। इससे पहले, बस्तर ओलंपिक में भी 1 लाख 65 हजार से अधिक प्रतिभागियों की ऐतिहासिक भागीदारी देखी गई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बस्तर क्षेत्र अब नई संभावनाओं और उपलब्धियों की ओर बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्रीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और यह आयोजन उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। खेल और विकास के माध्यम से बस्तर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन न केवल एक खेल आयोजन है, बल्कि यह बस्तर में शांति और सद्भाव के संदेश को भी मजबूती प्रदान कर रहा है। आने वाले वर्षों में इस आयोजन को और भव्य बनाया जाएगा ताकि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की पहचान बने।

खेल प्रतिभाओं को नया मंच

अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन न केवल खेल के प्रति जागरूकता को बढ़ाता है, बल्कि स्थानीय युवाओं को खेल के माध्यम से नए अवसर प्रदान करता है। यह आयोजन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की सकारात्मक छवि को स्थापित करने में सहायक होगा।

मुख्यमंत्री ने इस भव्य आयोजन में भाग लेने वाले सभी धावकों को शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बस्तर में खेल संस्कृति को मजबूती देने के साथ-साथ पर्यटन और आर्थिक विकास को भी गति देंगे।

हजारों धावकों की ऐतिहासिक भागीदारी

नारायणपुर जिले में आयोजित इस मैराथन में 11 हजार से अधिक धावकों ने भाग लिया। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के धावकों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।

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21 किमी पुरुष वर्ग में:
उत्तर प्रदेश के अक्षय कुमार ने 01 घंटा 02 मिनट 15 सेकंड में दौड़ पूरी कर पहला स्थान प्राप्त किया।

21 किमी महिला वर्ग में:
इथियोपिया की हिवेत जेब्रीवाहिद ने 01 घंटा 13 मिनट 01 सेकंड में दौड़ पूरी कर जीत दर्ज की।

10 किमी और 5 किमी वर्ग में शानदार प्रदर्शन

10 किमी महिला वर्ग: उत्तर प्रदेश की अमृता पटेल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

10 किमी पुरुष वर्ग: उत्तर प्रदेश के मोनू कुमार ने जीत दर्ज की।

5 किमी महिला वर्ग: सूरजपुर की सोनिका राजवाड़े विजेता रहीं।

5 किमी पुरुष वर्ग: स्थानीय धावकों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।

विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार

प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वालों को 1.5 लाख रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों को 1 लाख रुपये, और तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को 75 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया।

इसके अलावा, शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वाले धावकों को भी नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। स्थानीय प्रतिभाओं को विशेष रूप से 5-5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया।

मैराथन का भव्य शुभारंभ

मैराथन का शुभारंभ संसदीय कार्य, वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप और धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने किया।

कार्यक्रम में बस्तर आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई, वरिष्ठ अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं हजारों दर्शक उपस्थित थे।

बस्तर में खेलों का बढ़ता प्रभाव

अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन ने यह साबित कर दिया कि बस्तर क्षेत्र अब सिर्फ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि खेलों के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रहा है।

इस आयोजन से प्रेरित होकर आने वाले वर्षों में और अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएँ आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है, जिससे बस्तर को खेलों के नक्शे पर एक महत्वपूर्ण स्थान मिल सके।

इस तरह, अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन सिर्फ एक दौड़ नहीं, बल्कि बस्तर में शांति, खेल और विकास का उत्सव बन गया है।