विकसित भारत युवा संसद 2025: युवाओं को मिलेगा विधानसभा और संसद में विचार रखने का सुनहरा अवसर

विकसित भारत युवा संसद 2025: युवाओं को मिलेगा विधानसभा और संसद में विचार रखने का सुनहरा अवसर

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बलरामपुर,20 मार्च 2025: युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में विकसित भारत युवा संसद 2025 का आयोजन तीन चरणों में किया जा रहा है। इस श्रृंखला के तहत जिला स्तरीय युवा संसद का आयोजन 25 मार्च 2025 को शासकीय महाविद्यालय बलरामपुर में किया जाएगा। इस कार्यक्रम में सरगुजा, जशपुर और बलरामपुर जिलों के 101 चयनित प्रतिभागी भाग लेंगे। भारत सरकार ने शासकीय महाविद्यालय बलरामपुर को इस आयोजन के लिए नोडल संस्था के रूप में चिन्हित किया है।

युवाओं के लिए सुनहरा अवसर

इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भागीदारी का अवसर प्रदान करना है। यह एक मंच है, जहां युवा देश के विकास से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार प्रस्तुत कर सकते हैं।

नोडल प्राचार्य एन. के. देवांगन ने बताया कि वर्ष 2047 के विकसित भारत विजन में युवाओं की भूमिका को ध्यान में रखते हुए इस कार्यक्रम को आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को राज्य विधानसभा और संसद में विचार रखने का अवसर मिलेगा।

प्रतियोगिता का प्रारूप और चरण

तीन चरणों में आयोजित इस प्रतियोगिता का जिला स्तरीय चरण 25 मार्च 2025 को प्रातः 09:30 बजे से शासकीय महाविद्यालय बलरामपुर के संयोजकत्व में बाजारपारा स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित होगा।

प्रतिभागियों का चयन और विषय

बलरामपुर, सरगुजा और जशपुर जिले के युवाओं को 26 फरवरी से 16 मार्च 2025 के बीच अपने वीडियो अपलोड करने के लिए आमंत्रित किया गया था। इन वीडियो की स्क्रीनिंग के बाद 101 प्रतिभागियों का चयन किया गया है। प्रतियोगिता के दौरान चयनित प्रतिभागियों को “एक देश, एक चुनाव: विकसित भारत की ओर बढ़ता कदम” विषय पर तीन मिनट तक अपने विचार प्रस्तुत करने होंगे।

निर्णायक मंडल द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर श्रेष्ठ 10 प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा, जिन्हें राज्य स्तरीय (राज्य विधानसभा) प्रतियोगिता के लिए भेजा जाएगा।

राज्य स्तरीय युवा संसद

राज्य स्तरीय युवा संसद में चयनित प्रतिभागियों को निम्नलिखित दो विषयों में से एक पर अपने विचार प्रस्तुत करने होंगे:

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“हमारे संविधान के 75 वर्ष: अधिकारों, कर्तव्यों और प्रगति की यात्रा”

“संविधान के 11 संकल्प: भारत के संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने की शपथ”

राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शीर्ष तीन प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर (संसद) प्रतियोगिता के लिए चयनित किया जाएगा।

राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता

राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभागियों को “एक देश, एक चुनाव: लोकतंत्र को सुगम व सरल बनाना, प्रगति को बढ़ाना एवं स्थिरता सुनिश्चित करना” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करने होंगे। यह प्रतियोगिता संसद में आयोजित होगी, जहां देश के शीर्ष युवा प्रतिभागी अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।

मूल्यांकन के मानदंड

प्रतियोगिता के दौरान निर्णायक मंडल निम्नलिखित मूल्यांकन मापदंडों के आधार पर प्रतिभागियों का चयन करेगा:

विषय की समझ

स्पष्टता और संरचना

नवाचार और रचनात्मकता

मौखिक संप्रेषण और शारीरिक भाषा

विषय की प्रासंगिकता

सामग्री की गुणवत्ता

समय सीमा का पालन

यह प्रतियोगिता युवाओं को वर्ष 2047 के विकसित भारत के विजन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का अवसर प्रदान करेगी।

आयोजन में सहयोगी संस्थाएं

कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), नेहरू युवा केंद्र और उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से किया जाएगा। ये संस्थाएं युवा संसद को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

युवाओं में उत्साह और जोश

इस प्रतियोगिता को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह है। भाग लेने वाले प्रतिभागियों का मानना है कि यह मंच उन्हें न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने का अवसर देगा, बल्कि उनके विचारों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में भी मदद करेगा।

बलरामपुर जिले के एक प्रतिभागी ने कहा, “यह प्रतियोगिता हमारे लिए एक अनमोल अवसर है। हमें अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा और हम देश के विकास में योगदान दे सकेंगे।”

युवा संसद 2025 एक महत्वपूर्ण पहल है जो भारत के युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करेगी। यह आयोजन युवाओं को न केवल संविधान और लोकतंत्र की गहरी समझ देगा, बल्कि उन्हें विचारशील और जागरूक नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित करेगा। इससे विकसित भारत 2047 के निर्माण में युवाओं की भूमिका और अधिक सशक्त होगी।