
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ दौरा: 33,700 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ दौरा: 33,700 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन
बिलासपुर के मोहभट्ठा से आदिवासी, औद्योगिक और शहरी विकास को मिलेगी नई रफ्तार
बिलासपुर | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मार्च को छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे और बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्ठा में आयोजित कार्यक्रम में 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व भूमिपूजन करेंगे। इस दौरे के दौरान वे ऊर्जा, परिवहन, शिक्षा और आवास जैसे बुनियादी क्षेत्रों में नई योजनाओं की शुरुआत करेंगे, जिससे राज्य के औद्योगिक, आदिवासी और शहरी क्षेत्रों को नई रफ्तार मिलेगी।
मोदी दोपहर 2:30 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां से हेलिकॉप्टर के जरिए 3:30 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। यहां वे एक घंटे तक विभिन्न योजनाओं की आधारशिला रखेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसके बाद वे 4:45 बजे रायपुर लौटेंगे और फिर 5:30 बजे दिल्ली रवाना होंगे।
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा छत्तीसगढ़
मोदी छत्तीसगढ़ को बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। वे बिलासपुर स्थित एनटीपीसी की सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना (1×800 मेगावाट) की आधारशिला रखेंगे, जिसकी अनुमानित लागत 9,790 करोड़ रुपये है। यह परियोजना उन्नत अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित होगी, जिससे उच्च दक्षता के साथ बिजली उत्पादन होगा।
इसके अलावा, वे छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीजीसीएल) की पहली सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना (2X660 मेगावाट) के कार्यों की भी शुरुआत करेंगे, जिसकी लागत 15,800 करोड़ रुपये से अधिक होगी। इस परियोजना से राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में मजबूती मिलेगी।
राज्य के ग्रिड को मजबूत करने के लिए 560 करोड़ रुपये की लागत से पावरग्रिड की तीन विद्युत पारेषण परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा, जिससे राज्य में बिजली की उपलब्धता और वितरण प्रणाली बेहतर होगी।
स्वच्छ ऊर्जा और गैस वितरण को बढ़ावा
भारत के शुद्ध-शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य और वायु प्रदूषण में कमी लाने की दिशा में मोदी कई गैस परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिलों में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की सिटी गैस वितरण (सीजीडी) परियोजना शुरू होगी, जिसकी अनुमानित लागत 1,285 करोड़ रुपये है।
इसके अलावा, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की 540 किलोमीटर लंबी विशाखापट्टनम-रायपुर पाइपलाइन (वीआरपीएल) परियोजना की आधारशिला भी रखी जाएगी। 2,210 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना पेट्रोल, डीजल और केरोसिन के निर्बाध आपूर्ति में मददगार होगी।
रेलवे और सड़क नेटवर्क का होगा विस्तार
राज्य में कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए मोदी 108 किलोमीटर लंबाई वाली सात रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और 2,690 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 111 किलोमीटर लंबाई वाली तीन रेलवे परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे।
इसके अलावा, रायपुर-अभनपुर खंड में मेमू ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाई जाएगी, जिससे स्थानीय यात्रियों को बेहतर रेल सेवा मिलेगी। राज्य के रेल नेटवर्क का 100% विद्युतीकरण भी पूरा हो चुका है, जिसे राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा।
सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू होंगी। इनमें एनएच-930 (37 किमी) के झलमला-शेरपार खंड, एनएच-43 (75 किमी) के अंबिकापुर-पत्थलगांव खंड और एनएच-130डी (47.5 किमी) के कोंडागांव-नारायणपुर खंड का उन्नयन शामिल है। इन परियोजनाओं की कुल लागत 1,270 करोड़ रुपये से अधिक होगी और ये आदिवासी तथा औद्योगिक क्षेत्रों को सीधे लाभ पहुंचाएंगी।
शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम: 130 पीएम श्री स्कूल और विद्या समीक्षा केंद्र
राज्य में शिक्षा को मजबूती देने के उद्देश्य से मोदी दो महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ करेंगे। इनमें राज्य के 29 जिलों में 130 पीएम श्री स्कूल और रायपुर में विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) शामिल हैं।
130 पीएम श्री स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं जैसे स्मार्ट बोर्ड, उन्नत प्रयोगशालाएं और डिजिटल पुस्तकालय होंगे, जिससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी। वहीं, रायपुर में स्थापित होने वाला विद्या समीक्षा केंद्र शिक्षा से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी और डेटा विश्लेषण की सुविधा देगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना: 3 लाख परिवारों को मिलेगा नया घर
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत मोदी 3 लाख लाभार्थियों को गृह प्रवेश की सौगात देंगे। कार्यक्रम के दौरान कुछ लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से घर की चाबियां सौंपी जाएंगी। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्थायी और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी जीवनशैली में सुधार होगा।
नए छत्तीसगढ़ के निर्माण की ओर एक और कदम
मोदी का यह दौरा छत्तीसगढ़ के बुनियादी ढांचे, औद्योगिक विकास और सामाजिक कल्याण को एक नई दिशा देने वाला साबित होगा। इन परियोजनाओं से न केवल राज्य की कनेक्टिविटी और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों को भी समृद्धि मिलेगी।
राजनीतिक दृष्टिकोण से यह दौरा महत्वपूर्ण है क्योंकि लोकसभा चुनाव से पहले मोदी राज्य में बड़े पैमाने पर विकास कार्यों की शुरुआत कर रहे हैं। इससे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मजबूत राजनीतिक संदेश देने का भी अवसर मिलेगा।
छत्तीसगढ़ अब बड़े बदलाव की ओर अग्रसर है, जहां आधारभूत संरचना और विकास योजनाएं राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगी।










