“सीबीआई एफआईआर बनाम राजनीतिक साजिश: भूपेश बघेल पर कार्रवाई का सच”

“सीबीआई एफआईआर बनाम राजनीतिक साजिश: भूपेश बघेल पर कार्रवाई का सच”

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रायपुर, 03 अप्रैल 2025। कांग्रेस महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल मचा दी है। कांग्रेस इसे भाजपा की “बदले की कार्रवाई” बता रही है, जबकि भाजपा इसे कानून का हिस्सा कह रही है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार, भूपेश बघेल की बढ़ती लोकप्रियता से डरकर उनके खिलाफ जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा, “जब भूपेश बघेल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष थे, तब भी रमन सरकार ने उनके खिलाफ सरकारी एजेंसियों को लगाया था। उनके परिवार पर भी जांच एजेंसियां छोड़ दी गई थीं।”

भूपेश बघेल पर पहले भी हो चुके हैं हमले

शुक्ला ने कहा कि भूपेश बघेल पर पहले भी फर्जी मामलों में कार्रवाई की गई थी। उनकी माता, पत्नी और बेटे तक को पूछताछ के लिए बुलाया गया। सीडी मामले में सीबीआई जांच हुई, लेकिन अदालत ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया। ईडी ने महादेव एप्प मामले में भी बिना ठोस आधार के उनके खिलाफ बयान जारी किया था।

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क्या 2024 के चुनावी समीकरण हैं वजह?

कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार, बघेल की राजनीतिक साख को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है। 2023 में सत्ता से बाहर होने के बावजूद, बघेल की पकड़ कमजोर नहीं हुई है और 2024 के आम चुनाव में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा को अब भी उनकी ताकत से डर है, इसलिए सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों को उनके खिलाफ खड़ा किया जा रहा है।

जनता देगी जवाब?

कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि जनता भाजपा की रणनीति को समझ रही है और आने वाले चुनावों में इसका जवाब देगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा इस आरोपों पर क्या सफाई देती है और यह मामला आगे किस दिशा में बढ़ता है।

क्या यह कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है या राजनीति में बदले की भावना से प्रेरित कार्रवाई? आने वाले दिनों में इस पर और भी खुलासे हो सकते हैं।