छत्तीसगढ़ में महिलाओं और किशोरियों को मिलेगा दसवीं की शिक्षा का दूसरा अवसर – ‘प्रथम’ संस्था का रिमोट सेकंड चांस प्रोग्राम शुरू

प्रथम संस्था के ’रिमोट सेकंड चांस’ प्रोग्राम में महिलाओं और किशोरियों को मिलेगा दसवीं की शिक्षा का दूसरा अवसर

अंबिकापुर, 29 अप्रैल 2025/छत्तीसगढ़ की किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं के लिए शिक्षा की एक नई किरण बनकर उभरा है प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन का “रिमोट सेकंड चांस” प्रोग्राम। यह कार्यक्रम उन महिलाओं और किशोरियों को दोबारा पढ़ाई का अवसर प्रदान करता है, जो किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा से वंचित रह गई थीं।

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प्रथम संस्था एक गैर सरकारी समाजसेवी संगठन है, जो वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। इस विशेष पहल के अंतर्गत 14 वर्ष या उससे अधिक आयु की किशोरी बालिकाओं और महिलाओं को ओपन बोर्ड के माध्यम से दसवीं कक्षा की परीक्षा की तैयारी करवाई जाएगी। यह तैयारी पूर्णतः निःशुल्क ऑनलाइन माध्यम से होगी, जिसमें शिक्षण सामग्री से लेकर मार्गदर्शन तक की सुविधा प्रदान की जाएगी।

कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं:

  • 14 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं और किशोरियां होंगी पात्र

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  • ऑनलाइन फ्री क्लासेस और स्टडी मटेरियल उपलब्ध

  • ओपन बोर्ड परीक्षा फॉर्म भरवाने एवं परीक्षा दिलवाने की समुचित व्यवस्था

  • आगे की पढ़ाई, स्किल ट्रेनिंग और आत्मनिर्भरता के लिए मार्गदर्शन

  • पंचायतवार सूची तैयार कर योग्य प्रतिभागियों को जोड़ा जाएगा

कार्यक्रम समन्वयक धनेश कुमार भास्कर के पत्र के अनुसार, पात्र लाभार्थियों की सूची पंचायत स्तर पर तैयार कर संस्था को भेजी जाएगी ताकि कोई भी महिला या किशोरी इस सुनहरे अवसर से वंचित न रहे।

प्रशासन की ओर से भी इस कार्यक्रम के सुचारु संचालन एवं नियमित मॉनिटरिंग के लिए स्थानीय अमले को सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा।

यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में एक नई शुरुआत है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम भी है। “रिमोट सेकंड चांस” कार्यक्रम ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में बदलाव की मजबूत नींव रखने जा रहा है।