कोंडागांव जिले में नहीं बचा कोई शिक्षकविहीन स्कूल, युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार

युक्तियुक्तकरण का असर: कोंडागांव जिले में अब एक भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं

📍रायपुर, 12 जून 2025।

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छत्तीसगढ़ सरकार की युक्तियुक्तकरण नीति के परिणामस्वरूप कोंडागांव जिले में अब कोई भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं रहा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर शिक्षा व्यवस्था में लाया गया यह सुधार अब जमीनी स्तर पर नजर आने लगा है। इससे सुदूर अंचलों में वर्षों से शिक्षा के अभाव से जूझ रहे बच्चों को अब योग्य शिक्षक मिलने लगे हैं।


10 पूर्णतः शिक्षकविहीन स्कूलों में नियुक्त हुए शिक्षक

कोंडागांव जिले के 10 ऐसे प्राथमिक विद्यालय, जहां अब तक कोई शिक्षक नहीं था, वहां अब नियमित शिक्षक पदस्थ किए गए हैं। इसके अलावा जिले की 244 एकल शिक्षकीय प्राथमिक शालाओं, दो पूर्व माध्यमिक, दो हाई स्कूल और एक हायर सेकेंडरी स्कूल में भी शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इससे जिले में अब एक भी ऐसा स्कूल नहीं बचा है जहां शिक्षक न हो।


🏫 जिन विद्यालयों को मिला सबसे अधिक लाभ

  • माकड़ी विकासखंड: करमरी, डोंगरीपारा क्षमतापुर, नेवरा

  • बड़ेराजपुर विकासखंड: रावसवाही

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  • कोंडागांव विकासखंड: कोरमेल, बाखरा, ज्ञान ज्योति नयापारा, छोटेबंजोड़ा, एहरा, खुटडोबरा

इन स्कूलों में वर्षों से शिक्षक नहीं थे। अब इन स्कूलों में शिक्षक नियुक्त होने से बच्चों की पढ़ाई एक नई दिशा में आगे बढ़ेगी।


👨‍🏫 एकल शिक्षकीय स्कूलों में भी हुआ बड़ा सुधार

  • फरसगांव: उच्च प्राथमिक शाला भैंसाबोड़, माध्यमिक शाला बाजारपारा

  • कोंडागांव: हाई स्कूल डोंगरीगुड़ा, हाई स्कूल नवागांव

  • माकड़ी: हाई स्कूल एरला

244 प्राथमिक शालाएं, जो पहले एकल शिक्षक से संचालित थीं, अब उन्हें अतिरिक्त शिक्षक मिल गए हैं। इससे शिक्षकों का कार्यभार संतुलित हुआ है और बच्चों को विषयवार पढ़ाई का लाभ मिलेगा।


📈 शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा

इस सुधार से कोंडागांव जिले की शिक्षा प्रणाली को मजबूती मिली है। अब शिक्षकों की उपलब्धता से बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता, विषयों की गहराई से समझ और शैक्षणिक गुणवत्ता में वृद्धि देखने को मिल रही है। युक्तियुक्तकरण से विद्यालयों में बच्चों का भविष्य अब और अधिक सुनहरा बन रहा है।