बलरामपुर: लेफरी प्राथमिक शाला में दो-दो शिक्षक पदस्थ, फिर भी परीक्षा ठप – विभाग की लापरवाही पर सवाल

बलरामपुर: दो-दो शिक्षक पदस्थ, फिर भी परीक्षा ठप – लेफरी प्राथमिक शाला में घोर लापरवाही

बलरामपुर/छत्तीसगढ़। विकासखंड बलरामपुर के प्राथमिक शाला लेफरी में त्रैमासिक परीक्षा के पहले ही दिन शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही उजागर हुई। जानकारी के अनुसार, स्कूल में दो-दो शिक्षक पदस्थ होने के बावजूद परीक्षा संचालन के लिए कोई भी शिक्षक उपस्थित नहीं रहा। इस घटना ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

नियम के अनुसार परीक्षा का समय सुबह 11 बजे निर्धारित था। लेकिन स्कूल के दोनों पदस्थ शिक्षक समय पर नहीं पहुंचे। 12 बजे के बाद भी जब कोई शिक्षक स्कूल नहीं आया, तो कक्षा पहली से आठवीं तक के छात्र-छात्राएँ बिना परीक्षा दिए स्कूल परिसर में बैठे रहे। प्रश्नपत्र भी समय पर उपलब्ध नहीं हो पाया, जिससे बच्चों को भारी असुविधा झेलनी पड़ी।

गांव के कुछ अभिभावक जब बच्चों को लेने स्कूल पहुंचे, तो उन्हें स्थिति का अंदाजा हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसमें छात्र-छात्राएँ बिना किसी निगरानी के परीक्षा कक्ष में बैठे दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के वायरल होते ही शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने कड़ी आलोचना शुरू कर दी है।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

ग्रामीणों ने कहा कि दो-दो शिक्षक पदस्थ होने के बावजूद परीक्षा का संचालन न होना शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से इस मामले की जांच कर जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल असर डालती हैं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की साख पर भी सवाल खड़े करती हैं। कई अभिभावकों ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि अगर शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुंचे, तो इससे बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा और उनकी पढ़ाई में अनावश्यक व्यवधान पैदा होगा।

मामले के तूल पकड़ने के बाद विभागीय सूत्रों का कहना है कि प्रकरण की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुँचा दी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और आगे की कार्यवाही की जाएगी।