Advertisement

सिंहस्थ 2028 के ₹11,909 करोड़ प्रोजेक्ट्स पर क्वालिटी फोकस: विजयवर्गीय ने अधिकारियों से उज्जैन जाकर निरीक्षण के निर्देश

सिंहस्थ 2028 के ₹11,909 करोड़ प्रोजेक्ट्स पर क्वालिटी फोकस: विजयवर्गीय ने अधिकारियों से उज्जैन जाकर निरीक्षण के निर्देश

  • सिंहस्थ 2028 की बेहतर व्यवस्था के लिए संसाधनों की कमी नहीं होगी।

  • विभागों के बीच नियमित समन्वय बैठकों के निर्देश।

  • मेला क्षेत्र में सुविधाजनक आवागमन के लिए मैपिंग और इमरजेंसी सेवाओं पर फोकस।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सिंहस्थ कार्यों की समीक्षा बैठक में कहा कि अधिकारी उज्जैन जाकर क्वालिटी व समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करें। ₹11,909 करोड़ के 132 कार्यों को मंजूरी, दिसंबर 2027 तक सभी निर्माण पूरे करने का लक्ष्य।

भोपाल। नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और तय समय-सीमा का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिकारी उज्जैन जाकर स्थल निरीक्षण करें और यात्रियों की सुविधा के लिए सभी संसाधनों को समय पर उपलब्ध कराएं।

मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि मेला क्षेत्र में ट्रेन से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेलवे स्टेशन के पास पर्याप्त स्नान-गृह और सुलभ कॉम्पलेक्स की व्यवस्था की जाए। उज्जैन से जुड़े धार्मिक क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कों का चौड़ीकरण प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा। उन्होंने आकस्मिक सेवाओं, अग्निशमन, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी सुविधाओं की समीक्षा भी की।

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj

₹11,909 करोड़ के 132 कार्य स्वीकृत

  • सिंहस्थ और अन्य विभागीय योजनाओं के तहत ₹11,909 करोड़ के 132 कार्य स्वीकृत।

  • अब तक ₹673 करोड़ की राशि जारी।

  • पीपीपी मोड पर संस्कृति और नगरीय विकास विभाग के प्रोजेक्ट्स को भी हरी झंडी।

  • सभी निर्माण दिसंबर 2027 तक पूरे करने का लक्ष्य।


प्रमुख इन्फ्रास्ट्रक्चर फैसले

  • इंदौर-उज्जैन मार्ग का 6-लेन चौड़ीकरण: ₹1,692 करोड़।

  • इंदौर-उज्जैन वैकल्पिक मार्ग (4 लेन, 49 किमी): ₹950 करोड़।

  • ऊर्जा विभाग के कार्य: ₹329 करोड़।

  • उज्जैन संभाग के बस स्टैंड उन्नयन की योजना को भी गति देने के निर्देश।


रेलवे और आवागमन सुविधाएँ

अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने बताया कि रेलवे से जुड़ी आवश्यकताओं का आकलन कर प्रस्ताव मंत्रालय को भेजे जा रहे हैं। सभी एजेंसियों को डीपीआर तैयार कर कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा कान्ह नदी डायवर्सन, क्षिप्रा नदी में जल प्रवाह योजना, घाट निर्माण और मेला क्षेत्र की मैपिंग जैसे विषयों पर भी समीक्षा हुई।


file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47