मध्यप्रदेश में हर चौथे बच्चे को आरटीई के तहत फीस प्रतिपूर्ति, मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा

प्रदेश के हर चौथे बच्चे को आरटीई के तहत फीस प्रतिपूर्ति: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संकल्प

हरदा (मध्यप्रदेश)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्रदेश के हर चौथे बच्चे को निजी स्कूलों में पढ़ाने की फीस प्रतिपूर्ति कर रही है। उन्होंने यह बात सोमवार को हरदा जिले के खिरकिया में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में कही।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत 8.45 लाख से अधिक विद्यार्थियों की फीस के 489 करोड़ रुपये निजी स्कूलों में सीधे अंतरित किए गए हैं। बच्चों के स्वर्णिम भविष्य को ध्यान में रखते हुए, अगले शैक्षणिक सत्र से आरटीई लाभान्वित विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें और बैग भी प्रदान किए जाएंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शांति निकेतन हायर सेकण्डरी स्कूल छीपाबड को 62 विद्यार्थियों के लिए 4.01 लाख रुपये और सरस्वती शिशु विद्या मंदिर खिरकिया को 59 विद्यार्थियों के लिए 3.61 लाख रुपये के सांकेतिक चेक भी वितरित किए।

शिक्षा और विकास पर व्यापक नजर

डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में शिक्षा का स्तर तेजी से सुधर रहा है। राज्य सरकार ने सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की है और छात्रों को स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक हर संभव मदद दी जा रही है। सरकारी स्कूलों के छात्रों को नि:शुल्क साइकिल, ड्रेस और किताबें मिल रही हैं। प्रथम स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी और 75 प्रतिशत अंक लाने वालों को लैपटॉप प्रदान किए जाते हैं।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देकर उनका भविष्य सुरक्षित किया जा रहा है। उनका उद्देश्य है कि बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक और समाज में जिम्मेदार नागरिक बनें।

विकास कार्यों की सौगात

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 72 किलोमीटर लंबी आशापुर-हरदा सड़क निर्माण की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने कुल 1851.04 लाख रुपये के 5 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया, जिनमें हाई स्कूल भवन, महाविद्यालयीन छात्रावास, उपकेंद्र और जनपद पंचायत भवन शामिल हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और नवीन विद्युत उपकेंद्रों का लोकार्पण भी किया गया।

सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पहल

मुख्यमंत्री के आगमन पर जनजातीय कलाकारों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों और लोक-संस्कृति के साथ स्वागत किया। उन्होंने प्रत्येक कलाकार को 5,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। साथ ही, “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

कृषि और समाज कल्याण पर भी ध्यान

डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। गेहूं और सोयाबीन उत्पादकों को उचित मूल्य और बोनस दिया गया है। इसके साथ ही बीमार और घायल व्यक्तियों के लिए पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर यह भी कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और देश की प्रगति का मार्ग है। आरटीई और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उज्जवल भविष्य सुनिश्चित किया जा रहा है।