जस्टिस सूर्यकांत होंगे देश के 53वें CJI: 24 नवंबर को लेंगे शपथ, 370 जैसे बड़े फैसलों में रहे शामिल

जस्टिस सूर्यकांत होंगे सुप्रीम कोर्ट के अगले CJI: 24 नवंबर को लेंगे शपथ

सुप्रीम कोर्ट के अगले और 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के तौर पर जस्टिस सूर्यकांत की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मौजूदा CJI भूषण आर. गवई ने सोमवार को केंद्र सरकार से सीनियर जज जस्टिस सूर्यकांत को उनका उत्तराधिकारी बनाए जाने की सिफारिश की है। यह सिफारिश मंजूरी के लिए केंद्रीय कानून मंत्रालय को भेज दी गई है।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

कार्यकाल और शपथ ग्रहण

  • शपथ ग्रहण: मौजूदा CJI गवई का कार्यकाल 23 नवंबर 2025 को खत्म हो रहा है, जिसके बाद जस्टिस सूर्यकांत 24 नवंबर 2025 को CJI के तौर पर शपथ लेंगे।
  • कार्यकाल अवधि: जस्टिस सूर्यकांत 9 फरवरी 2027 को 65 वर्ष की आयु में रिटायर होंगे। उनका कार्यकाल लगभग 14 महीने का होगा।
  • हरियाणा से पहले: जस्टिस सूर्यकांत इंडियन ज्यूडीशियरी की टॉप पोस्ट पर पहुंचने वाले हरियाणा से पहले शख्स होंगे।

जस्टिस सूर्यकांत का करियर और प्रमुख फैसले

जस्टिस सूर्यकांत अपने कार्यकाल के दौरान संवैधानिक, मानवाधिकार और प्रशासनिक कानून से जुड़े मामलों को कवर करने वाले 1000 से ज्यादा फैसलों में शामिल रहे हैं।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d
विवरण प्रमुख बिंदु
जन्म और शिक्षा जन्म 10 फरवरी 1962 को हरियाणा के हिसार में। 1984 में महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी, रोहतक से लॉ की डिग्री।
वकालत 1984 में हिसार डिस्ट्रिक्ट कोर्ट से शुरुआत, 1985 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस।
जज के रूप में पदोन्नति 9 जनवरी 2004 को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में परमानेंट जज बने। 24 मई 2019 को सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में प्रमोट किया गया।
संवैधानिक फैसले आर्टिकल 370 को निरस्त करने के 2023 के फैसले को बरकरार रखने वाली बेंच का हिस्सा थे।
राजद्रोह कानून उस बेंच का हिस्सा थे जिसने कॉलोनियल एरा के राजद्रोह कानून को स्थगित रखा और निर्देश दिया कि सरकार की समीक्षा तक इसके तहत कोई नई FIR दर्ज न की जाए।
डेरा सच्चा सौदा पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की फुल बेंच का हिस्सा थे, जिसने 2017 में बलात्कार मामलों में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को लेकर जेल में हुई हिंसा के बाद डेरा सच्चा सौदा को पूरी तरह से साफ करने का आदेश दिया था।

CJI गवई ने अपनी सिफारिश में कहा है कि जस्टिस सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट की कमान संभालने के लिए उपयुक्त और सक्षम हैं।