
भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: दशक की सबसे बड़ी ट्रेड डील, 27 देशों के साथ ऐतिहासिक समझौता
भारत और यूरोपीय संघ के बीच दशक की सबसे बड़ी फ्री ट्रेड डील संपन्न। 27 देशों के साथ हुए इस समझौते से वैश्विक व्यापार, निवेश और विकसित भारत के लक्ष्य को मिलेगी नई गति।
भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: दो दशक बाद ऐतिहासिक समझौता, दशक की सबसे बड़ी ट्रेड डील करार
नई दिल्ली/करीब दो दशकों तक अटकी रही भारत-यूरोपीय संघ (EU) की व्यापार वार्ता अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और यूरोपीय संघ के बीच दशक का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) संपन्न हुआ है। इसे वैश्विक स्तर पर “मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील्स” कहा जा रहा है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अनुसार यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता है, जो यूरोपीय संघ के सभी 27 देशों के साथ किया गया है। यह समझौता भारत को वैश्विक व्यापार व्यवस्था में एक मजबूत और निर्णायक भूमिका में स्थापित करता है।
क्यों ऐतिहासिक है भारत-EU FTA?
BJP ने इस समझौते के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि—
- यह समझौता वैश्विक व्यापार के लगभग एक-तिहाई हिस्से को कवर करता है
- इसमें दुनिया की लगभग एक-चौथाई GDP शामिल है
- यह भारत को विकसित भारत (Viksit Bharat) के लक्ष्य की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ाता है
पार्टी का कहना है कि यह डील भारत के लिए केवल व्यापारिक नहीं, बल्कि रणनीतिक और आर्थिक परिवर्तनकारी समझौता है।
युवाओं, किसानों और उद्योगों के लिए नए अवसर
BJP के मुताबिक भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से—
- देश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार और स्किल के अवसर मिलेंगे
- किसानों को नए निर्यात बाजार मिलेंगे
- मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को यूरोपीय बाजारों तक आसान पहुंच मिलेगी
- सेवा क्षेत्र और स्टार्ट-अप्स को वैश्विक विस्तार का मौका मिलेगा
सरकार का मानना है कि इससे निवेश बढ़ेगा, निर्यात को गति मिलेगी और भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होगी।
BJP का दावा: निर्णायक नेतृत्व का परिणाम
BJP ने कहा कि बीते लगभग 20 वर्षों तक भारत-EU व्यापार वार्ता विभिन्न कारणों से अटकी रही, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक और दूरदर्शी नेतृत्व में इस ऐतिहासिक समझौते को अंतिम रूप दिया गया।
पार्टी के अनुसार यह फ्री ट्रेड डील भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अहम स्थान दिलाएगी और 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था में भारत की भूमिका को नई ऊंचाई पर ले जाएगी।
भारत की अर्थव्यवस्था पर दूरगामी असर
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-EU FTA से—
- भारत की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी
- वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा
- भारत वैश्विक व्यापार नियमों को आकार देने वाले देशों में शामिल होगा
यह समझौता न केवल भारत की आर्थिक दिशा बदलेगा, बल्कि वैश्विक व्यापार संतुलन को भी नया स्वरूप देगा।










