
छत्तीसगढ़ में 10 हजार आजीविका डबरी निर्माण का शुभारंभ, ग्रामीणों की आय बढ़ाने और जल संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया। मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अभिसरण से ग्रामीण आजीविका, जल संरक्षण और रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी।
छत्तीसगढ़ में 10 हजार आजीविका डबरी निर्माण का शुभारंभ, ग्रामीणों की आय बढ़ाने और जल संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया। मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अभिसरण से ग्रामीण आजीविका, जल संरक्षण और रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी।
रायपुर/14 दिसंबर 2025। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 18 लाख आवासों की स्वीकृति के निर्णय के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत मोर गांव–मोर पानी महाअभियान के तहत आजीविका डबरी परियोजना को क्रियान्वित किया जा रहा है। इन डबरियों का निर्माण पात्र हितग्राहियों की निजी भूमि पर किया जाएगा, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही भी शामिल हैं। सभी डबरियों को मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
ग्रामीण आजीविका को मिलेगा नया आयाम
आजीविका डबरी परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन, सिंचाई सुविधा में वृद्धि, मत्स्य पालन, बत्तख पालन, वृक्षारोपण तथा सिंघाड़ा उत्पादन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका के अतिरिक्त अवसर प्राप्त होंगे और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
योजनाओं का अभिसरण—समग्र विकास की दिशा में कदम
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा के प्रभावी अभिसरण से राज्य सरकार ग्रामीण विकास, आवास सुरक्षा, रोजगार सृजन और जल संरक्षण जैसे लक्ष्यों को एक साथ साकार कर रही है। यह पहल छत्तीसगढ़ के समावेशी और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का शुभारंभ अप्रैल 2016 में किया गया था। योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को 1.20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता, मनरेगा से 90 दिवस की मजदूरी तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से 12 हजार रुपये शौचालय निर्माण हेतु प्रदान किए जाते हैं।
छत्तीसगढ़ में वर्ष 2016 से 2026 के बीच 26.27 लाख आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं और 17.14 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में मात्र दो वर्षों में लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है।
विशेष समूहों को भी मिला लाभ
कार्यक्रम के दौरान कवर्धा जिले के जनमन आवास योजना के हितग्राहियों तथा नारायणपुर जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, आयुक्त मनरेगा एवं संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना तारन प्रकाश सिन्हा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह उपस्थित थे।










