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Ayodhya Ramlala Aarti Live Darshan 17 December | रामलला का दिव्य श्रृंगार

Ayodhya Ramlala Aarti Live Darshan 17 December | रामलला का दिव्य श्रृंगार और भोग दर्शन

अयोध्या धाम में विराजमान ब्रह्मांड नायक प्रभु श्री रामलला की सेवा-पूजा अत्यंत विधिविधान और भव्यता के साथ की जाती है। ज्योतिष पंचांग के अनुसार पौष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि, विक्रम संवत 2082 (17 दिसंबर, बुधवार) को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में रामलला सरकार का शुभ एवं अलौकिक श्रृंगार संपन्न हुआ।

चार समय लगता है रामलला को भोग

रामलला को प्रतिदिन चार समय भोग अर्पित किया जाता है। भोग के लिए व्यंजन राम मंदिर की रसोई में शुद्ध सात्विक विधि से तैयार किए जाते हैं।

  • सुबह की शुरुआत बाल भोग से होती है
  • समय और ऋतु के अनुसार अलग-अलग व्यंजन परोसे जाते हैं

मौसम के अनुसार वस्त्र और श्रृंगार

रामलला को हर दिन और हर मौसम के अनुसार विशेष वस्त्र पहनाए जाते हैं।

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  • गर्मियों में सूती और हल्के वस्त्र
  • सर्दियों में स्वेटर और ऊनी वस्त्र
    भक्तों को प्रतिदिन प्रभु श्री राम नए रूप और नवीन श्रृंगार में दर्शन देते हैं।

दिल्ली से आती है फूलों की माला

भगवान श्री रामलला के श्रृंगार में उपयोग होने वाली विशेष फूलों की माला दिल्ली से मंगाई जाती है, जो उनके दिव्य स्वरूप को और भी मनोहारी बनाती है।

 आरती और पूजा का समय

  • प्रातः पहली आरती: सुबह 6:30 बजे
  • भगवान को जगाने से पूजन प्रारंभ
  • लेप, स्नान और वस्त्र धारण की विधि संपन्न
  • दोपहर भोग आरती: 12:00 बजे
  • संध्या आरती: शाम 7:30 बजे
  • शयन आरती: रात 8:30 बजे

👉 रामलला के दर्शन शाम 7:30 बजे तक ही किए जा सकते हैं।

 भक्तों को मिलते हैं दिव्य दर्शन

प्रभु श्री रामलला प्रतिदिन भक्तों को अलग-अलग अलौकिक स्वरूपों में दर्शन देते हैं। उनकी सेवा-पूजा और श्रृंगार को देखने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं।


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