
BMC चुनाव: बीजेपी की सूची में राहुल नार्वेकर के परिवार को टिकट, महायुति का सीट फॉर्मूला तय
मुंबई महानगरपालिका चुनाव में बीजेपी ने स्पीकर राहुल नार्वेकर के भाई और भाभी को टिकट दिया। महायुति में बीजेपी-शिवसेना का 137-90 सीट फॉर्मूला फाइनल।
BMC चुनाव: बीजेपी की पहली सूची में स्पीकर राहुल नार्वेकर के परिवार को टिकट, महायुति का सीट फॉर्मूला फाइनल
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की पहली सूची सामने आते ही राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। पहली सूची में घोषित 66 प्रत्याशियों में महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर के परिवार के दो सदस्य शामिल हैं। इसे लेकर विपक्ष बीजेपी पर परिवारवाद के आरोप भी लगाने लगा है।
बीजेपी ने साउथ मुंबई के कोलाबा इलाके से राहुल नार्वेकर के भाई मकरंद नार्वेकर को वार्ड नंबर 226 से टिकट दिया है, जबकि वार्ड नंबर 227 से उनकी भाभी हर्षिता नार्वेकर को मैदान में उतारा गया है।
2017 BMC चुनाव का गणित
साल 2017 के BMC चुनाव में अविभाजित शिवसेना ने 84 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया था, जबकि बीजेपी को 82 सीटें मिली थीं। बाद में शिवसेना के 46 पार्षद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए थे। इसके अलावा अन्य दलों के 16 पार्षद भी शिंदे गुट में आए, वहीं बीजेपी में अन्य दलों के 6 पार्षद शामिल हुए।
NCP (अजित पवार गुट) अलग लड़ेगी चुनाव
महायुति में शामिल एनसीपी (अजित पवार गुट) मुंबई महानगरपालिका चुनाव में बीजेपी और शिवसेना के साथ नहीं उतरेगी।
- एनसीपी ने पहली सूची में 37 उम्मीदवारों की घोषणा की
- दूसरी सूची में 27 नाम घोषित किए
👉 इस तरह मुंबई के लिए एनसीपी अब तक 64 प्रत्याशी घोषित कर चुकी है।
BMC चुनाव: मतदाता और वार्ड का पूरा डेटा
मुंबई महानगरपालिका में कुल 227 वार्ड हैं।
- कुल मतदाता: 1 करोड़ 3 लाख 44 हजार 315
- पुरुष मतदाता: 55,16,707 (53%)
- महिला मतदाता: 48,26,509 (47%)
- ‘अन्य’ श्रेणी: 1,099
महायुति में सीट बंटवारे पर सहमति
मुंबई महानगरपालिका चुनाव को लेकर महायुति में सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान सोमवार (29 दिसंबर) देर रात खत्म हो गई।
मुंबई बीजेपी अध्यक्ष आमित भास्कर सताम ने पुष्टि की कि अब पूरी 227 सीटों पर सहमति बन चुकी है।
👉 सीट बंटवारा इस प्रकार है—
- बीजेपी: 137 सीटें
- शिवसेना (शिंदे गुट): 90 सीटें
- RPI भी गठबंधन का हिस्सा
इस सीट शेयरिंग के साथ ही बीएमसी चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन पूरी तरह फाइनल हो गया है। लंबे समय से चल रही वार्डों को लेकर रस्साकशी के बाद अब दोनों दल चुनावी मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार परिवारवाद, सीट बंटवारा और बागी उम्मीदवार BMC चुनाव के बड़े मुद्दे बन सकते हैं।












