
नववर्ष 2026: हेमंत सोरेन का ‘झारखण्ड 2050’ विजन, कल्पना सोरेन ने दिया आत्मनिर्भर राज्य का संदेश
नववर्ष 2026 पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने समृद्ध झारखण्ड 2050 का विजन रखा, वहीं कल्पना मुर्मू सोरेन ने आत्मनिर्भर और समावेशी विकास का संदेश दिया।
नववर्ष 2026: हेमंत सोरेन ने रखा ‘समृद्ध झारखण्ड 2050’ का विजन, कल्पना सोरेन ने दिया आत्मनिर्भर राज्य का संदेश
रांची। झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नववर्ष 2026 के अवसर पर राज्यवासियों को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार कहा। उन्होंने कहा कि नया वर्ष केवल कैलेंडर बदलने का अवसर नहीं, बल्कि वीर पुरुखों के सपनों के ‘सोना झारखण्ड’ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी अपने विस्तृत संदेश में मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025 को झारखण्ड आंदोलन के लिए भावनात्मक क्षति का वर्ष बताते हुए कहा कि राज्य निर्माता दिशोम गुरु शिबू सोरेन और महान आंदोलनकारी रामदास सोरेन के निधन के बाद आज वे प्रकृति की गोद से राज्य को आशीर्वाद दे रहे हैं।
2050 तक समृद्ध, न्यायपूर्ण और सतत झारखण्ड का लक्ष्य
हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखण्ड ने संघर्ष, संकल्प और संभावनाओं की लंबी यात्रा तय की है, जिसमें आदिवासी, मूलवासी, किसान, श्रमिक, महिलाएं और युवा वर्ग की भूमिका निर्णायक रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अबुआ सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, नौकरी–रोजगार–स्वरोजगार, सामाजिक सुरक्षा, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और स्थानीय समुदायों के अधिकारों को केंद्र में रखकर नीतियां लागू करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा—
“विकास का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे, यही हमारी प्रतिबद्धता है। युवा झारखण्ड 2050 तक देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो, यही हमारा साझा लक्ष्य है।”
कल्पना मुर्मू सोरेन का संदेश: आत्मनिर्भर झारखण्ड का संकल्प
झारखण्ड मुक्ति मोर्चा की वरिष्ठ नेता कल्पना मुर्मू सोरेन ने भी नववर्ष 2026 पर झारखण्डवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नया साल राज्य को और अधिक सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प है।
उन्होंने कहा—
“नया वर्ष केवल समय का बदलाव नहीं, बल्कि झारखण्ड को आगे बढ़ाने की सामूहिक जिम्मेदारी का स्मरण है। हम सब मिलकर ऐसा झारखण्ड बनाएं, जहां विकास का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे और आने वाली पीढ़ियां गर्व महसूस करें।”
दोनों नेताओं ने राज्यवासियों के लिए सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करते हुए ‘जय जोहार, जय झारखण्ड’ के नारे के साथ अपने संदेश का समापन किया।











