
अग्निवीरों के विवाह पर रोक को लेकर टी.एस. सिंहदेव का हमला: ‘यह अन्यायपूर्ण और अमानवीय शर्त’
पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने अग्निवीर योजना में विवाह से जुड़ी शर्तों को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। कहा— युवाओं से स्थायी नौकरी के साथ निजी जीवन के फैसले भी छीने जा रहे हैं।
रायपुर, 06 जनवरी 2026।अग्निवीर योजना को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अग्निवीर योजना लाकर पहले ही रक्षा क्षेत्र में युवाओं की स्थायी नौकरियाँ छीन लीं और अब नई शर्तों के जरिए उनके निजी जीवन में भी दखल दिया जा रहा है।
टी.एस. सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि अग्निवीरों को केवल चार साल का अस्थायी रोजगार दिया जाता है, जिसमें से सिर्फ 25 प्रतिशत युवाओं को ही स्थायी सेवा में लिया जाएगा। शेष 75 प्रतिशत युवा न तो स्थायी नौकरी पाएंगे और न ही पेंशन, जबकि उनका कीमती समय निकल जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि अब एक नई और विचारहीन शर्त जोड़ी गई है, जिसके तहत स्थायी सैनिक बनने की इच्छा रखने वाले अग्निवीर विवाह नहीं कर सकते। यदि वे शादी करते हैं तो उन्हें स्थायी सेवा के लिए अयोग्य माना जाएगा।
टी.एस. सिंहदेव ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब चार साल बाद अधिकांश युवाओं का भविष्य ही अनिश्चित है, तो उनसे निजी जीवन से जुड़े फैसले छीनना किस तरह न्यायसंगत है। उन्होंने कहा कि विवाह कब और कैसे करना है, यह हर बालिग नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।
उन्होंने इस शर्त को अन्यायपूर्ण, अमानवीय और अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि देश की रक्षा करने वाले युवाओं के करियर और जीवन को ऐसी शर्तों में बाँधना उचित नहीं है।
टी.एस. सिंहदेव ने सरकार से मांग की कि वह तुरंत इस फैसले पर पुनर्विचार करे और देश के रक्षक अग्निवीरों के भविष्य, स्वाभिमान और अधिकारों की गारंटी सुनिश्चित करे।
अग्निवीर योजना को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है। टी.एस. सिंहदेव के इस बयान के बाद एक बार फिर युवाओं के भविष्य, रोजगार सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।










