भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) के पहले स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए प्रदूषण नियंत्रण पोत ‘आईसीजीएस समुद्र प्रताप (ICGS Samudra Pratap)’ को आधिकारिक रूप से कमीशन कर दिया गया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कमीशनिंग समारोह में हिस्सा लिया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ICGS समुद्र प्रताप भारत के परिपक्व रक्षा औद्योगिक इकोसिस्टम का प्रतीक है। यह पोत गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) द्वारा निर्मित है और आधुनिक समुद्री चुनौतियों से निपटने की भारत की क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय तटरक्षक बल की बहुआयामी भूमिका ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत के खिलाफ किसी भी तरह की दुश्मनाना साज़िश का जवाब मजबूती और निर्णायक तरीके से दिया जाएगा।
राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि भारत एक जिम्मेदार समुद्री शक्ति (Responsible Maritime Power) के रूप में पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
🇮🇳 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ICGS समुद्र प्रताप की कमीशनिंग को अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह पोत
- आत्मनिर्भर भारत के विज़न को मजबूती देता है,
- देश की सुरक्षा व्यवस्था को सशक्त करता है,
- और पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
PM मोदी ने इसे भारत की बढ़ती स्वदेशी रक्षा क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता का उदाहरण बताया।
विशेषज्ञों के अनुसार, ICGS समुद्र प्रताप समुद्री प्रदूषण नियंत्रण, आपातकालीन प्रतिक्रिया और पर्यावरण सुरक्षा के क्षेत्र में भारत की क्षमता को एक नया आयाम देगा।










