नई दिल्ली।वेदांता समूह के चेयरमैन और प्रसिद्ध उद्योगपति अनिल अग्रवाल के पुत्र अग्निवेश अग्रवाल का अमेरिका में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे 49 वर्ष के थे। यह दुखद घटना एक स्कीइंग दुर्घटना के बाद हुई, जिसके चलते उन्हें न्यूयॉर्क के माउंट सीनाई अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुरुआती जानकारी के अनुसार उनकी हालत में सुधार हो रहा था, लेकिन अचानक हुए कार्डियक अरेस्ट के कारण उनका निधन हो गया।
इस हृदयविदारक क्षति की जानकारी स्वयं अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की। उन्होंने अपने बेटे को एक संवेदनशील, कर्मठ और उद्देश्यपूर्ण व्यक्तित्व बताया। उन्होंने लिखा कि अग्निवेश न केवल एक सफल उद्यमी और उद्योग जगत का जाना-पहचाना नाम था, बल्कि एक अच्छे मित्र, भाई और बेटे के रूप में भी सबके दिलों में बसता था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि अग्निवेश अग्रवाल का असमय निधन बेहद दुखद और चौंकाने वाला है तथा इस कठिन समय में वे परिवार के साथ संवेदना प्रकट करते हैं।
अग्निवेश अग्रवाल ने शिक्षा के क्षेत्र में मेयो कॉलेज, अजमेर से पढ़ाई की थी और आगे चलकर उद्योग जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। वे हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन रह चुके थे और सामाजिक सरोकारों से भी गहराई से जुड़े हुए थे। आत्मनिर्भर भारत और समाज सेवा को लेकर उनका दृष्टिकोण प्रेरणादायक माना जाता रहा है।
इस घटना के बाद उद्योग जगत, राजनीतिक नेतृत्व और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। अग्निवेश अग्रवाल का निधन न केवल उनके परिवार बल्कि देश के कॉर्पोरेट और सामाजिक क्षेत्र के लिए भी एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।










