
बलरामपुर में 37वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का समापन, प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित
बलरामपुर जिले में 37वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का समापन ऑडिटोरियम हॉल में हुआ। कलेक्टर राजेन्द्र कटारा और एसपी वैभव बैंकर की मौजूदगी में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रमों, रील्स प्रतियोगिता और ‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’ अभियान के प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
जिले में संचालित 37वां राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का समापन
सड़क सुरक्षा माह अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों का किया गया सम्मान

बलरामपुर, 31 जनवरी 2026/जिले में संचालित 37वां राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का समापन कार्यक्रम साप्ताहिक बाजार स्थित ऑडिटोरियम हॉल के सभाकक्ष में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, नगर पालिका अध्यक्ष लोधी राम एक्का एवं नगर पालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ यातायात प्रभारी विमलेश कुमार देवांगन द्वारा माह भर आयोजित गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत कर किया गया।
विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों की दी गई जानकारी
समापन समारोह में पुलिस विभाग द्वारा समस्त अनुभाग मुख्यालयों में आयोजित किए गए विभिन्न सड़क सुरक्षा एवं यातायात जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। इनमें यातायात जागरूकता थीम (हेलमेट, सीटबेल्ट, शराब सेवन निषेध), रील्स मेकिंग प्रतियोगिता, नो हेलमेट–नो पेट्रोल अभियान तथा सड़क सुरक्षा मितानों का सम्मान शामिल रहा।
सड़क सुरक्षा को जीवन की आदत बनाने की अपील
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक माह का अभियान नहीं है, बल्कि यह जीवन भर अपनाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण आदत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए प्रशासन और आम जनता के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और अभिभावकों से अपील की कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और दूसरों को भी जागरूक करें, ताकि बलरामपुर को दुर्घटना मुक्त जिला बनाया जा सके।
गोल्डन आवर की दी गई जानकारी
पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा ‘गोल्डन आवर’ कहलाता है। यदि इस अवधि में घायल व्यक्ति को समय पर प्राथमिक उपचार मिल जाए, तो उसकी जान बचाई जा सकती है। ऐसे मददगार व्यक्तियों को पुलिस द्वारा ‘गुड समेरिटन’ कहा जाता है।
प्रतियोगिताओं के विजेताओं का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
पुलिस विभाग द्वारा आयोजित “रील्स बनाओ प्रतियोगिता” में—
- प्रथम स्थान: बड़कीमहरी के शुभम दास एवं टीम
- द्वितीय स्थान: देवराज सिंह एवं टीम
- तृतीय स्थान: छोटू छलिया एवं टीम
विजेताओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया तथा उनके द्वारा बनाई गई रील्स का प्रदर्शन कर सराहना की गई।
यातायात नियमों के पालन की दिलाई गई समझाइश
समापन कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं, नागरिकों एवं पत्रकारों को हेलमेट एवं सीटबेल्ट का प्रयोग, वाहन संबंधी दस्तावेज साथ रखने तथा नाबालिगों को वाहन न चलाने देने की समझाइश दी गई।
कार्यक्रम का समापन अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया।










