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अखिलेश यादव का यूपी सरकार पर हमला, ‘अतार्किक बंदिशें कमजोर सत्ता की पहचान’

लखनऊ, 11 मार्च 2026: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार द्वारा लगाए जा रहे नियम और शर्तें सनातन परंपराओं का अपमान हैं और यह कदम अहंकार से प्रेरित दिखाई देता है।

अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार की ओर से ऐसी शर्तें लगाई जा रही हैं मानो यह भी तय कर दिया जाए कि आंख और मुंह कितने सेंटीमीटर तक खुल सकते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस कार्यक्रम या परंपरा को सरकार पसंद नहीं करती, उसके लिए शर्तों का अंबार लगा दिया जाता है।

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की सरकार एक विशेष समाज के मान-सम्मान को ठेस पहुंचा रही है और उस समाज के लोग इस बात को समझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में शामिल मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि भी इस मुद्दे पर अपने समाज के सामने जवाब देने से बच रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के कुछ जनप्रतिनिधि अपने स्वार्थ के लिए सत्ता के साथ खड़े हैं, लेकिन इससे उन्होंने अपने ही समाज में सम्मान खो दिया है। जनता आने वाले चुनाव में उन्हें सबक सिखाएगी। साथ ही उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपने समाज के हित में अन्य राजनीतिक दलों के संपर्क में हैं, जो सनातन परंपराओं का सम्मान करते रहे हैं।

अखिलेश यादव ने कोविड-19 को लेकर भी सरकार से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि अगर कोविड-19 अभी भी लागू नियमों का आधार है तो सरकार यह बताए कि भाजपा की बैठकों या सरकारी कार्यक्रमों में इन नियमों का आखिरी बार कब पालन किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कहीं ऐसा तो नहीं कि इसी कारण ‘बाटी-चोखा’ वाली बैठक पर रोक लगाई गई थी।

सपा प्रमुख ने कहा कि अतार्किक प्रतिबंध लगाना कमजोर सत्ता की पहचान होती है। उन्होंने इस पूरे मामले को निंदनीय और घोर आपत्तिजनक बताया।