नीट (यूजी) परीक्षा-2026: मध्य प्रदेश में व्यापक तैयारियां, मुख्यमंत्री ने की समीक्षा
भोपाल: मध्य प्रदेश में आगामी रविवार, 21 जून 2026 को आयोजित होने वाली नीट (अंडर ग्रेजुएट) परीक्षा के लिए राज्य सरकार ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को परीक्षा के सुचारू, पारदर्शी और त्रुटिहीन संचालन के कड़े निर्देश दिए।
परीक्षा की रूपरेखा और मुख्य बिंदु
- परीक्षा की तिथि: 21 जून 2026 (रविवार)
- परीक्षा का समय: दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक
- कुल अवधि: 3 घंटे 15 मिनट (195 मिनट)
- परीक्षा का माध्यम: पेन और पेपर (ऑफलाइन)
- कुल केंद्र: प्रदेश के 30 जिलों में 283 परीक्षा केंद्र
मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि नीट एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है, जिसमें पारदर्शिता सर्वोपरि है। उन्होंने निर्देश दिए कि:
- तकनीकी तैयारी: सभी केंद्रों पर बायोमैट्रिक मशीन, सीसीटीवी कैमरे और जैमर 19 जून तक स्थापित कर लिए जाएं और 20 जून को इनका अनिवार्य रूप से ट्रायल रन किया जाए।
- यातायात प्रबंधन: 21 जून को जबलपुर में राष्ट्रपति का प्रवास और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन के चलते यातायात का विशेष प्रबंधन किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि परीक्षार्थी बिना किसी बाधा के केंद्र तक पहुंच सकें।
- परीक्षार्थियों को सहायता: यदि किसी परीक्षार्थी को आवागमन में समस्या आती है, तो प्रशासन और पुलिस अधिकारी अपने सरकारी या निजी वाहनों से उन्हें केंद्र तक पहुंचाने में सहायता करें।
- समान एसओपी: नीट परीक्षा के लिए अपनाई गई एसओपी (SOP) भविष्य में प्रदेश की सभी परीक्षाओं के लिए मानक के रूप में उपयोग की जाएगी।
अपर मुख्य सचिव द्वारा दी गई जानकारी
उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने तैयारियों का ब्यौरा देते हुए बताया कि:
- सुरक्षा व्यवस्था: केंद्रों पर द्वि-स्तरीय सुरक्षा होगी। बाहरी सुरक्षा राज्य पुलिस/होमगार्ड की और आंतरिक सुरक्षा एनटीए द्वारा नियुक्त एजेंसी की होगी। महिला परीक्षार्थियों के लिए अलग से फ्रिस्किंग की व्यवस्था रहेगी।
- लॉजिस्टिक्स: प्रश्नपत्र प्रदेश के 5 हवाई अड्डों तक पहुंच चुके हैं और एनटीए द्वारा अधिसूचित बैंकों में सुरक्षित हैं। बालाघाट में प्रश्नपत्र हेलीकॉप्टर से पहुंचाए जा रहे हैं।
- आधारभूत सुविधाएं: प्रत्येक केंद्र पर स्वच्छ पेयजल, ओआरएस, ग्लूकोज, प्राथमिक उपचार किट और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम उपलब्ध रहेगी।
- केंद्रों का प्रबंधन: हर केंद्र पर क्लॉक रूम, परिजनों के लिए टेंट और मोबाइल शौचालय की व्यवस्था की गई है। शहर से दूर स्थित केंद्रों के लिए सार्वजनिक परिवहन की सुविधा रहेगी।
प्रमुख जिलों में केंद्रों की संख्या
| जिला | परीक्षा केंद्रों की संख्या |
|---|---|
| इंदौर | 57 |
| भोपाल | 32 |
| ग्वालियर | 24 |
| जबलपुर | 24 |
| रीवा | 12 |
| बड़वानी | 11 |
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन ने सभी संबंधित कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को पूरी मुस्तैदी के साथ परीक्षा संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।













