Advertisement

कांग्रेस की बड़ी कार्रवाई: जम्मू-कश्मीर के मोहम्मद अनवर भट्ट और बशीर अहमद खान निलंबित






कांग्रेस की बड़ी कार्रवाई: जम्मू-कश्मीर के दो दिग्गज नेता मोहम्मद अनवर भट्ट और बशीर अहमद खान पार्टी से निलंबित, मल्लिकार्जुन खरगे ने दी मंजूरी


पार्टी विरोधी गतिविधियों पर कांग्रेस का कड़ा रुख: जम्मू-कश्मीर के दो वरिष्ठ नेता मोहम्मद अनवर भट्ट और बशीर अहमद खान निलंबित, अध्यक्ष खरगे की मुहर

ब्यूरो रिपोर्ट, प्रदेश खबर नेटवर्क |
अपडेटेड: 02 जुलाई 2026

नई दिल्ली/श्रीनगर: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने अनुशासनहीनता और अंदरूनी गुटबाजी के खिलाफ एक बड़ा और कड़ा संगठनात्मक कदम उठाया है। कांग्रेस आलाकमान ने जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (JKPCC) के दो बेहद वरिष्ठ और रसूखदार नेताओं मोहम्मद अनवर भट्ट और बशीर अहमद खान को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन दोनों नेताओं पर लंबे समय से पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और संगठन के भीतर समानांतर गुट चलाने के गंभीर आरोप थे।

“पार्टी की केंद्रीय अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति (DAC) के सदस्य सचिव तारिक अनवर द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के इन दोनों नेताओं के खिलाफ निलंबन के प्रस्ताव को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी है।”

अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति की रिपोर्ट और राष्ट्रीय अध्यक्ष का फैसला

जम्मू-कश्मीर में हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों और स्थानीय स्तर पर संगठन के भीतर बढ़ती खींचतान को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व लगातार राज्य इकाई पर नजर बनाए हुए था। स्थानीय स्तर से मिली कई शिकायतों और प्रदेश कांग्रेस कमेटी की गोपनीय रिपोर्ट के बाद इस मामले को पार्टी की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति के पास भेजा गया था।

सदस्य सचिव तारिक अनवर की ओर से स्पष्ट किया गया है कि संगठन के भीतर किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समिति ने मोहम्मद अनवर भट्ट और बशीर अहमद खान के खिलाफ मिले साक्ष्यों और स्थानीय फीडबैक की गहन समीक्षा की। समीक्षा में पाया गया कि इन दोनों नेताओं के हालिया बयान और गतिविधियां न केवल पार्टी लाइन से अलग थीं, बल्कि इससे जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल पर भी विपरीत असर पड़ रहा था। इसके बाद समिति की सिफारिश पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दोनों नेताओं को प्राथमिक सदस्यता से बाहर का रास्ता दिखाने के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए।

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5

क्या हैं आरोप? क्यों गिरी निलंबन की गाज?

हालांकि आधिकारिक विज्ञप्ति में बहुत विस्तार से आरोपों का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि मोहम्मद अनवर भट्ट और बशीर अहमद खान पिछले कुछ समय से स्थानीय स्तर पर पार्टी के आधिकारिक कार्यक्रमों से दूरी बना रहे थे। इसके अलावा, राज्य के अन्य क्षेत्रीय दलों के नेताओं के साथ उनकी अनौपचारिक बैठकें और पार्टी के आधिकारिक रुख के खिलाफ जाकर दिए गए कुछ बयान इस कार्रवाई की मुख्य वजह बने।

जम्मू-कश्मीर की राजनीति इस समय बेहद संवेदनशील मोड़ पर है। ऐसे में कांग्रेस आलाकमान राज्य के भीतर किसी भी प्रकार की आंतरिक कलह या कमजोर कड़ियों को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह निलंबन अन्य नेताओं के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है कि यदि कोई भी नेता संगठन के हितों के खिलाफ काम करेगा, तो उसका कद चाहे जो भी हो, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जम्मू-कश्मीर की राजनीति और कांग्रेस के भविष्य पर इसका असर

मोहम्मद अनवर भट्ट और बशीर अहमद खान दोनों ही घाटी के राजनीतिक समीकरणों में अच्छा दखल रखते हैं। ऐसे में उनके निलंबन के बाद केंद्रशासित प्रदेश की सियासत में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले से कांग्रेस ने एक तरफ जहां अपनी आंतरिक कमान को मजबूत करने की कोशिश की है, वहीं दूसरी तरफ इससे पार्टी के भीतर कुछ असंतोष भी उभर सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस कड़े फैसले के दूरगामी परिणाम निम्नलिखित रूपों में देखे जा सकते हैं:

  • कैडर को कड़ा संदेश: जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश गया है कि शीर्ष नेतृत्व अब ढुलमुल रवैया अपनाने के मूड में नहीं है।
  • विपक्षी दलों की नजर: घाटी के अन्य प्रमुख दल जैसे नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ये निलंबित नेता किसी अन्य राजनीतिक विकल्प की तलाश करते हैं।
  • संगठनात्मक पुनर्गठन: इस निलंबन के बाद अब जम्मू-कश्मीर कांग्रेस में खाली हुए सांगठनिक पदों पर नए और वफादार चेहरों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।

आगामी रणनीति और कांग्रेस आलाकमान का रुख

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे लगातार राज्यों के प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों के साथ बैठकें कर संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने में जुटे हैं। तारिक अनवर के इस आधिकारिक पत्र के बाद जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के भीतर भी हलचल तेज है। आने वाले दिनों में राज्य इकाई में कुछ और बड़े प्रशासनिक और संगठनात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं, ताकि आने वाले किसी भी चुनावी मुकाबले के लिए पार्टी पूरी तरह से एकजुट और तैयार नजर आए।


ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.16.05