मुंबई में कुदरत का कहर: आईएमडी का ‘रेड अलर्ट’, बीएमसी ने दोपहर के सत्र में सभी स्कूल-कॉलेज बंद करने का दिया आदेश
मुंबई में मानसून के रौद्र रूप को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। मौसम विभाग ने शनिवार सुबह से ही मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी। लगातार हो रही बारिश के कारण मुंबई के कई निचले इलाकों में पानी भरना शुरू हो गया है, जिससे सड़कों पर यातायात धीमा हो गया है और स्थानीय रेल सेवाओं पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग की चेतावनी: अगले 24 घंटे बेहद संवेदनशील
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने सक्रिय मौसम सिस्टम की वजह से तटीय महाराष्ट्र में भारी नमी आ रही है। इसके प्रभाव से मुंबई और उसके उपनगरों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान 204.4 मिमी से अधिक की अत्यंत भारी वर्षा होने की प्रबल आशंका है।
मौसम विभाग के क्षेत्रीय केंद्र ने चेतावनी दी है कि बारिश के साथ-साथ शहर में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। ऐसे में कमजोर संरचनाओं, पेड़ों के गिरने और होर्डिंग्स के उखड़ने का खतरा बढ़ गया है। विभाग ने मछुआरों को भी समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है।
जलभराव की चपेट में मुंबई के कई इलाके, रफ्तार पर लगी ब्रेक
शनिवार सुबह से जारी लगातार बारिश की वजह से मुंबई के पारंपरिक जलभराव वाले क्षेत्रों में स्थिति बिगड़ने लगी है। अंधेरी सबवे, सायन, कुर्ला, साकीनाका, चेंबूर, सांताक्रुज और गोरेगांव जैसे इलाकों से सड़कों पर पानी जमा होने की खबरें आ रही हैं।
- सड़क यातायात प्रभावित: दृश्यता (विजिबिलिटी) कम होने और सड़कों पर पानी भरने के कारण वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई है। वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम देखा जा रहा है।
- लोकल ट्रेन सेवाएं बाधित: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों पर भी मानसून की मार पड़ी है। सेंट्रल और वेस्टर्न दोनों लाइनों पर ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 15 से 20 मिनट की देरी से चल रही हैं। इसके अलावा विरार और नालासोपारा के बीच पटरियों पर पानी आने की वजह से ट्रेनों के संचालन में रुकावट आई है।
- बसें डायवर्ट: बेस्ट (BEST) प्रशासन ने जलभराव वाले रूटों से अपनी बसों को हटाकर सुरक्षित और ऊंचे मार्गों पर डायवर्ट कर दिया है।
विभिन्न क्षेत्रों में दर्ज की गई बारिश के आंकड़े (पिछले 24 घंटे)
| वेधशाला / क्षेत्र | दर्ज की गई वर्षा (मिमी) |
|---|---|
| सांताक्रुज वेधशाला (उपनगर) | 110 मिमी |
| कोलाबा वेधशाला (दक्षिण मुंबई) | 90 मिमी |
| बांद्रा (पश्चिमी उपनगर) | 151 मिमी |
| पाली हिल | 143 मिमी |
| सायन | 135 मिमी |
| चेम्बूर | 127 मिमी |
प्रशासनिक तैयारी और हाई टाइड का डबल अलर्ट
मुंबई के लिए शनिवार का दिन इसलिए भी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि भारी बारिश के बीच समुद्र में ‘हाई टाइड’ (High Tide) यानी ऊंची लहरें उठने का भी अनुमान है। दोपहर 2:50 बजे समुद्र में करीब 4.26 मीटर ऊंची लहरें उठने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी स्थिति की समीक्षा की है। उन्होंने मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के नागरिकों से अपील की है कि वे राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन की ओर से जारी की जा रही हर तीन घंटे की मौसम एडवाइजरी का कड़ाई से पालन करें। उन्होंने बताया कि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
नागरिकों के लिए बीएमसी की जरूरी गाइडलाइंस
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुंबईकरों के लिए एक विस्तृत परामर्श जारी किया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों से निम्नलिखित बातों का ध्यान रखने को कहा है:
- अनावश्यक यात्रा से बचें: जब तक कोई बहुत जरूरी काम न हो, तब तक अपने घरों से बाहर न निकलें। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को घरों के अंदर ही रखें।
- आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर: किसी भी प्रकार की सहायता या जलभराव, पेड़ गिरने की शिकायत के लिए बीएमसी के मुख्य हेल्पलाइन नंबर 1916 पर संपर्क करें।
- अफवाहों पर न दें ध्यान: सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले पुराने वीडियो या असत्यापित सूचनाओं पर भरोसा न करें। केवल बीएमसी और मौसम विभाग (IMD) के आधिकारिक हैंडल से जारी सूचनाओं को ही सही मानें।
- बिजली के खंभों से दूरी बनाएं: जलभराव वाले क्षेत्रों में खुले तारों या बिजली के खंभों के पास जाने से बचें, क्योंकि इससे करंट लगने का खतरा रहता है।
मुंबई के पड़ोसी जिलों जैसे ठाणे और रायगढ़ में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। ठाणे नगर निगम (TMC) ने तो शनिवार सुबह से ही सभी प्राथमिक, माध्यमिक स्कूलों और आंगनवाड़ियों में पहले ही छुट्टी घोषित कर दी थी। मौसम विभाग का कहना है कि यह रेड अलर्ट सोमवार सुबह तक जारी रह सकता है, जिसके बाद ही बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आने की उम्मीद है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जल निकासी के लिए पंपिंग स्टेशनों को पूरी क्षमता से चलाया जा रहा है।













