सुरेन्द्र साहू बने भारतीय आदिम जाति सेवक संघ छत्तीसगढ़ के संगठन सचिव, मुख्यमंत्री निवास में हुआ भव्य शपथ ग्रहण समारोह
रायपुर। भारतीय आदिम जाति सेवक संघ, नई दिल्ली की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य बोर्ड का विधिवत गठन कर दिया गया है। इस नवनिवेशित संगठन के विस्तार के साथ ही सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ शबरी सेवा संस्थान के प्रदेश सचिव सुरेन्द्र साहू को संगठन सचिव का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। इस ऐतिहासिक मोड़ पर, बीते 12 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री निवास रायपुर में एक गरिमापूर्ण वातावरण के बीच नवनियुक्त पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ, जिसमें शासन, प्रशासन और देश के विभिन्न राज्यों से आए गणमान्य नागरिक साक्षी बने।
शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन मुख्यमंत्री निवास के जनदर्शन हॉल में किया गया, जहां राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम के महत्व को द्विगुणित कर दिया। इस ऐतिहासिक और गरिमापूर्ण अवसर पर संगठन के शीर्ष नेतृत्व और नवनियुक्त पदाधिकारियों ने राज्य में जनजातीय समाज के उत्थान, कल्याण और सर्वांगीण विकास के संकल्प को दोहराया।
शीर्ष पदों पर महत्वपूर्ण नियुक्तियां: कौशल्या विष्णु देव साय बनीं उपाध्यक्ष
भारतीय आदिम जाति सेवक संघ की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में संगठन के क्रियान्वयन और उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए एक बेहद संतुलित और अनुभवी टीम का चयन किया गया है। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान नवनियुक्त पदाधिकारियों को उनके दायित्व सौंपे गए, जिनमें समाजसेवा के क्षेत्र में अग्रणी नाम शामिल हैं।
समारोह में कौशल्या विष्णु देव साय को छत्तीसगढ़ राज्य बोर्ड का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी यह नियुक्ति प्रदेश में जनजातीय महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान के प्रयासों को एक नई दिशा प्रदान करेगी। इसके साथ ही, सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले कुंवर जितेंद्र नरसिंह राणा को प्रदेश अध्यक्ष का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है, जिनके नेतृत्व में संगठन राज्य के दूरस्थ वनांचलों तक अपनी पहुंच स्थापित करने का प्रयास करेगा।
सुरेन्द्र साहू को संगठन सचिव और विनय मालवीय को सचिव पद की मिली जिम्मेदारी
छत्तीसगढ़ में जमीनी स्तर पर सामाजिक कार्यों और जनजातीय विकास के पहियों को गति देने के लिए छत्तीसगढ़ शबरी सेवा संस्थान के प्रदेश सचिव सुरेन्द्र साहू को भारतीय आदिम जाति सेवक संघ का नया संगठन सचिव मनोनीत किया गया है। इसके साथ ही, विनय मालवीय ने संगठन के सचिव पद के रूप में अपने कर्तव्यों की शपथ ली।
पदभार ग्रहण करने के उपरांत संगठन सचिव सुरेन्द्र साहू ने अपनी प्राथमिकताओं को साझा करते हुए कहा, “भारतीय आदिम जाति सेवक संघ द्वारा मुझ पर जो विश्वास व्यक्त किया गया है और जो दायित्व सौंपा गया है, उसका मैं पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण के साथ निर्वहन करूँगा। हमारी प्राथमिकता जनजातीय समाज का सर्वांगीण विकास करना, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना और जनहित के कार्यों को पूरी टीम के साथ मिलकर धरातल पर उतारना है।”
वहीं, नवनियुक्त सचिव विनय मालवीय ने भी गरिमापूर्ण माहौल में अपने पद की गोपनीयता की शपथ ली। उन्होंने अपने उद्बोधन में संगठन की एकजुटता पर बल देते हुए स्पष्ट किया कि पूरी कार्यकारिणी और संगठन के सभी सदस्य एक साथ कदम से कदम मिलाकर काम करेंगे, जिससे संघ के कल्याणकारी उद्देश्यों को प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जा सके।
राष्ट्रीय नेतृत्व एवं 27 राज्यों के प्रतिनिधियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
रायपुर के मुख्यमंत्री निवास में आयोजित यह शपथ ग्रहण समारोह न केवल प्रादेशिक बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक महत्वपूर्ण समागम साबित हुआ। इस भव्य और गरिमामयी अवसर पर भारतीय आदिम जाति सेवक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश कुमार उईके तथा राष्ट्रीय महामंत्री अजय कुमार चौबे विशेष रूप से उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय नेतृत्व की उपस्थिति के साथ-साथ इस कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश के 27 अलग-अलग राज्यों से पधारे राष्ट्रीय कार्यकारी समिति के सम्मानित सदस्यगण इस आयोजन के गवाह बने। छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर देश भर से आए इन सामाजिक प्रतिनिधियों का आत्मीय स्वागत किया गया।
समारोह में शामिल विशिष्ट अतिथि और आयोगों के अध्यक्ष:
- डॉ. ममता साहू: अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग
- लोकेश कावड़िया: अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ दिव्यांग आयोग
- सुरेन्द्र कुमार बेसरा: अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्योदय आयोग
इन सभी विशिष्ट अतिथियों और राज्य के विभिन्न वैधानिक आयोगों के अध्यक्षों की गरिमामयी उपस्थिति ने न केवल कार्यक्रम का गौरव बढ़ाया, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार और विभिन्न सामाजिक निकाय जनजातीय कल्याण के इस महाभियान में पूरी तरह से एकजुट हैं।
निमोरा में संपन्न हुई प्रथम कार्यकारिणी बैठक: बस्तर और जनजातीय विकास पर केंद्रित रहा रोडमैप
शपथ ग्रहण के ठीक दो दिन बाद, यानी 14 जुलाई 2026 को ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान, निमोरा (रायपुर) के सभागार में छत्तीसगढ़ राज्य बोर्ड की प्रथम कार्यकारिणी बैठक सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नवगठित बोर्ड के कामकाज की रूपरेखा तैयार करना और आने वाले वर्षों के लिए विकास कार्यों का खाका (रोडमैप) तैयार करना था।
प्रथम कार्यकारिणी बैठक के दौरान संगठन के विस्तार और उसकी पहुंच को मजबूत करने पर गहन मंथन हुआ। विशेष रूप से बस्तर संभाग सहित पूरे छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में जनजातीय विकास, बुनियादी शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, महिला सशक्तिकरण, स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा करना और समग्र सामाजिक उत्थान से जुड़े विभिन्न संवेदनशील विषयों पर बिंदुवार विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों ने अपने-अपने गृह क्षेत्रों में किए जा रहे सामाजिक कार्यों का परिचय प्रस्तुत किया और संगठन के पवित्र उद्देश्यों को जन-जन तक पहुँचाने का दृढ़ संकल्प दोहराया।
कौशल्या विष्णु देव साय और राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश कुमार उईके का मिला मार्गदर्शन
निमोरा में आयोजित इस बैठक को संबोधित करते हुए राज्य बोर्ड की नवनियुक्त उपाध्यक्ष कौशल्या विष्णु देव साय ने संगठन के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि वे संगठन के प्रत्येक सेवा कार्य में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश स्तर पर इस संगठन को और अधिक सशक्त, प्रभावी और जन-केंद्रित बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे, ताकि कोई भी जरूरतमंद विकास की मुख्यधारा से अछूता न रहे।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों को मार्गदर्शित करते हुए भारतीय आदिम जाति सेवक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश कुमार उईके ने अपना प्रेरणादायी उद्बोधन दिया। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष बल दिया कि पेसा कानून (PESA Act) का प्रभावी क्रियान्वयन, ग्राम स्वावलंबन, युवा सशक्तिकरण और जनजातीय समाज का समग्र विकास ही संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं। उन्होंने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे सेवा, समर्पण और मजबूत संगठन की भावना के साथ कार्य करते हुए समाज के उत्थान में अपनी ऐतिहासिक भूमिका दर्ज कराएं।















