घरघोड़ा। नगर पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर इन दिनों चर्चाओं का दौर तेज़ है। नगर के विभिन्न हिस्सों में जनहित के कार्यों के साथ-साथ लगातार शिकायतों और विरोध की राजनीति भी चर्चा का विषय बनी हुई है। ऐसे माहौल के बीच नगर के प्रमुख तालाब की तीन अलग-अलग तस्वीरें अब लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर रही हैं।
पहली तस्वीर उस दौर की है जब नगर का प्रमुख तालाब पूरी तरह जलकुंभी और अन्य जलीय वनस्पतियों से ढका हुआ था। तालाब की स्थिति इतनी खराब हो चुकी थी कि पानी दिखाई देना भी मुश्किल था। गंदगी, बदबू और मच्छरों के कारण आसपास के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रही, लेकिन किसी ने इसकी सुध नहीं ली।
दूसरी तस्वीर उस समय की है जब लंबे प्रयासों और लगातार सफाई अभियान के बाद तालाब को जलकुंभी और गंदगी से मुक्त कराया गया। वर्षों बाद तालाब अपने वास्तविक स्वरूप में दिखाई दिया। नगरवासियों ने इसे घरघोड़ा के लिए एक सकारात्मक पहल बताया और उम्मीद जताई कि अब इस सार्वजनिक धरोहर का संरक्षण और बेहतर तरीके से होगा।
लेकिन तीसरी तस्वीर ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। साफ किए गए तालाब में फिर से जलीय पौधों और पत्तों के दिखाई देने से नगर में चर्चा शुरू हो गई है। नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतनी मेहनत से साफ किए गए तालाब को दोबारा गंदा होने से रोकने की जिम्मेदारी किसकी है। यदि यह केवल प्राकृतिक कारण नहीं है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिये और यह नगर वासियो को स्पष्ट होना चाहिए की इस नए जलकुंभी या कचरे को कौन डाल रहा है !
नगरवासियों का कहना है कि यह केवल तालाब का मामला नहीं है। पिछले कुछ समय से सड़क, नाली, भवन निर्माण और अन्य जनहित के कार्यों के साथ भी लगातार शिकायतों और विरोध का माहौल बना हुआ है। लोगों का मानना है कि यदि शिकायतें तथ्य और नियमों के आधार पर हों तो उनका स्वागत होना चाहिए, लेकिन यदि हर विकास कार्य विवादों में घिरने लगे तो इससे सबसे अधिक नुकसान आम जनता को होता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि घरघोड़ा को विवादों की नहीं, विकास की आवश्यकता है। नगर की सार्वजनिक संपत्तियां पूरे समाज की धरोहर हैं और उन्हें सुरक्षित एवं स्वच्छ रखना सभी की जिम्मेदारी है। यदि किसी भी प्रकार से सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या विकास कार्यों में अनावश्यक बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया जा रहा है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए।
आज घरघोड़ा की जनता पहले से अधिक जागरूक है। लोग यह देख रहे हैं कि कौन नगरहित के कार्यों में सहयोग कर रहा है और कौन हर जनहित के मुद्दे को विवाद का विषय बना रहा है। अब नगरवासियों की अपेक्षा है कि विकास कार्य बिना अनावश्यक बाधाओं के आगे बढ़ें और सार्वजनिक संपत्तियों का संरक्षण सभी की प्राथमिकता बने।















