पुरानी पेंशन योजना लागू कराने- प्रधानमंत्री मोदी के छत्तीसगढ़ प्रवास पर होगा विरोध,

महासंघ के प्रांतव्यापी धरना का- कर्मचारी संध ने किया समर्थन

हिन्दुस्तान के सभी राज्यों में 01 नवंबर 2004 के बाद शासकीय सेवा में नियुक्त शासकीय सेवकों को पेंशन की पात्रता केन्द्र सरकार ने समाप्त कर, उनके लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू कर उनकी कटौती की राशि को ‘‘एन.पी.एस.न्यास‘‘ बनाकर उसमें जमा किया जा रहा है। केन्द्र सरकार के इस कर्मचारी विरोधी निर्णय से प्रदेश के लाखों शासकीय सेवक भी पिड़ित है। केन्द्रीय वित्त मंत्री ने अपने बजट प्रस्ताव में शासकीय सेवकों के आयकर, पेंशन, वेतन भत्तों के बारे में कोई भी प्रावधान नहीं किया है। 13 मार्च शनिवार को 2004 के बाद नियुक्त शासकीय सेवकों के महासंध द्वारा राजधानी में एक दिवसीय प्रांतव्यापी धरना दिया जावेगा। इस विरोध प्रदर्शन का छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संध ने समर्थन किया है।

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)

संध के प्रांताध्यक्ष विजय कुमार झा, जिला शाखा अध्यक्ष इदरीश खाॅन, बताया है, कि प्रदेश में 2004 के बाद नियुक्त शासकीय सेवकों को केन्द्र सरकार के निर्णयानुसार पेंशन की पात्रता प्रदान नहीं की गई है। उन्हें अंशदायी पेंशन योजना (सी.पी.एस.) लागू है। जिसके तहत जितनी राशि खाते में कर्मचारी का जमा होगा उतना ही अंशदान सरकार देगी। इस पूरी प्रक्रिया को आॅन लाइन करने के लिए आधार नंबर से लिंक करने तथा उसे पेन नंबर व मोबाईल से लिंक करना अनिवार्य किया गया है, जिससे 2004 के बाद नियुक्त अधिकारी-कर्मचारी के वेतन, भत्ते जमा व आहरण की जानकारी आंनलाइन हो सके।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

ऐसे कर्मचारियों के वेतन से कटौती राशि को न्यास निधि में जमा कर केन्द्र सरकार करोड़ों को अन्य मदों व कार्यो में विनिवेश कर रही है। देश व प्रदेश में 16 वर्ष से निरंतर सेवा करने वाले शासकीय सेवकों को जमा राशि के आहरण की जटिल प्रक्रिया है। शादी, मृत्यु, मकान, भूखण्ड व गंभीर बीमारी के लिए अपने ही जमा राशि के आहरण के लिए जिला कोषालय अधिकारी के अधीन समिति गठित कर उसके द्वारा कितनी राशि आहरित होगी निर्णय लिया जावेगा तब संबंधित कर्मचारी के विभाग के अधिकारी आहरित कर सकेगें।

संध ने विगत् 16 वर्षो से केन्द्र सरकार की इस कर्मचारी विरोधी नीति व इस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व वित्त मंत्री सितारमण द्वारा कोई निर्णय न लिए जाने के कारण संध ने निर्णय लिया है कि जब भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छत्तीसगढ़ प्रवास पर होगें तब उनके विरूद्व जंगी प्रदर्शन किया जावेगा। संध के प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष अजय तिवारी, महामंत्री उमेश मुदलियार, पी.एच.ई. प्रांतीय संयोजक विमल चंद कुण्डू, प्रांतीय सचिव विश्वनाथ ध्रुव, सुरेन्द्र त्रिपाठी, रामचंद ताण्डी, अमर मुदलियार, नरेश वाढ़ेर, प्रांतीय कोषाध्यक्ष रविराज पिल्ले, जिला कोषाध्यक्ष जवाहर यादव, सी.एल.दुबे, होरीलाल छेद्इया, ए.जे.नायक, संजय झड़बड़े, राजु गवई, मनोहर लोचनम्, रंजीत सिंह, मो. ताहिर, दिनेश मिश्रा आदि नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से तत्काल 2004 के बाद पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की है अन्यथा छत्तीसगढ़ प्रवास में विरोध प्रदर्शन किए जाने की धोषणा की है।

[contact-form][contact-field label=”Name” type=”name” required=”true” /][contact-field label=”Email” type=”email” required=”true” /][contact-field label=”Website” type=”url” /][contact-field label=”Message” type=”textarea” /][/contact-form]