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घर घर जाकर क्षय रोग से संक्रमित मरीज की पहचान

घर घर जाकर क्षय रोग से संक्रमित मरीज की पहचान

ब्यूरो चीफ/सरगुजा// सरगुजा जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष कलेक्टर संजीव कुमार झा के निर्देश पर एवं संयुक्त संचालक व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ0 पी.एस. सिसोदिया के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सरगुजा जिले को क्षय रोग मुक्त करने के उद्देश्य से सघन कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। जिसके अंतर्गत समस्त 7 विकास खंड बफौली, बतौली ,सीतापुर, उदयपुर ,लखनपुर, मैनपाट, लूंड्रा में मितानिन व स्वास्थ्य कार्यकताओं के द्वारा घर-घर जाकर संभावित क्षय रोगी की पहचान की जा रही है। 1 अगस्त से प्रारंभ इस अभियान में अभी तक 123 क्षय मरीजों की पहचान कर इलाज प्रारंभ किया जा चुका है।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव की विशेष प्रयास से क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम में तेजी आई है। क्षय रोग का संक्रमण होने पर सरगुजा में सभी वर्ग के मरीजों को रू.3750 पोषण आहार के लिए दिया जा रहा है, वहीं क्षय रोग की दवाई खिलाने वाले डॉट प्रोवाइडर को एक हजार की राशि भी दी जा रही है। संभावित क्षय रोगी को गैरशासकीय वर्ग द्वारा जांच व इलाज के लिए भेजे जाने पर व जांच में क्षय रोग की पुष्टि होने पर रू. 500 की प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। क्षय रोग से पीडि़त मरीज यदि आदिवासी है तो रू. 10,000 की अतिरिक्त राशि आदिवासी परियोजना विभाग के मद से दी जा रही है। अर्थात क्षय रोग में दवाई खाने वाले खिलाने वाले व संक्रमण को बताने वाले सभी को आर्थिक राशि अकाउंट के माध्यम से प्रदाय की जा रही है।

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नोटिफिकेशन अनिवार्य होगा-चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े समस्त संस्थान जैसे लैब, क्लीनिक नर्सिंग होम, दवाई की दुकान को क्षय रोग के मरीज की जानकारी होने पर जिला क्षय नियंत्रण इकाई को इस बाबत जानकारी देना अनिवार्य होगा। वही क्षय रोग से संबंधित दवाई आइसोनियाजाइड, रिफाम्पीसीन, इथमब्युटाल, पाइरिजिनामाइड व इसट्रेप्टोमाइसिन इंजेक्शन बेचे जाने पर फार्मासिस्ट को संबंधित चिकित्सक व मरीज का नाम संधारित रखना अनिवार्य होगा। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के दौरा अधिसूचना जारी कर क्षय रोग के मरीज की जानकारी छुपाने पर कानूनी दंड का प्रावधान किया गया है।

राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में सरगुजा जिले में प्रतिवर्ष 3000 संभावित क्षय मरीज है। यदि इन्हें प्रारंभ में पहचान कर दवाई दे दिया जाये तो 2023 तक सरगुजा को क्षय मुक्त जिला बनाया जा सकेगा।

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