पश्चिम बंगाल में टीएमसी और असम में बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने विधानसभा उप-चुनावों में एकतरफ़ा जीत दर्ज की है.
ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने चारों सीटों पर जीत दर्ज की है जिसमें से उसने दो सीटों को बीजेपी से छीन भी लिया है.
टीएमसी के उम्मीदवारों को दिनहाटा, गोसाबा, खरदाहा और शांतिपुर सीटों पर एक लाख से अधिक वोट मिले हैं. इसके साथ ही टीएमसी का वोट शेयर बढ़कर 75.02 फ़ीसदी हो गया है जबकि बीजेपी का वोट शेयर 14.48 फ़ीसदी है.
शांतिपुर को छोड़कर बाक़ी तीन सीटों पर टीएमसी उम्मीदवार ने बीजेपी उम्मीदवार को एक लाख से अधिक वोटों से हराया है.
इस जीत के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट किया है, “सभी चारों विजयी उम्मीदवारों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं. यह जीत जनता की जीत है जो दिखाती है कि बंगाल नफ़रत और प्रोपेगैंडा की राजनीति की तुलना में हमेशा विकास और एकता को चुनेगा. जनता के आशीर्वाद से हम वादा करते हैं कि बंगाल को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का काम जारी रखेंगे.”
बीजेपी की हार पर तंज़ कसते हुए ममता के भतीजे और टीएमसी के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ट्वीट किया है, “सही मायनों में पटाख़ा मुक्त दिवाली. बीजेपी के मित्रों को दिवाली की शुभकामनाएं.”
वहीं पश्चिम बंगाल के बीजेपी अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने इस हार के लिए ‘आतंक के शासनकाल’ को ज़िम्मेदार ठहराया है.
उन्होंने कहा, “उप-चुनाव में एक लाख से अधिक वोटों का अंतर अकल्पनीय है. हम समझ सकते हैं कि सत्ताधारी दल ने जिस तरह से आतंक फैलाया है उसके ज़रिए लोगों को स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से मतदान करने से रोका गया है.”
असम में चला हिमंत बिस्वा सरमा का जादू
पश्चिम बंगाल में जहां टीएमसी की जीत के लिए ममता बनर्जी को ज़िम्मेदार बताया जा रहा है वहीं असम में बीजेपी गठबंधन की एकतरफ़ा जीत के लिए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को श्रेय दिया जा रहा है.
असम में बीजेपी और उसके गठबंधन सहयोगी UPPL ने सभी पांचों सीटों पर हुए उप-चुनाव में जीत दर्ज की है.
बीजेपी ने भवानीपुर, मरियानी और थौरी सीटों पर तो वहीं UPPL ने गोसाईगांव और तामुलपुर सीटों पर जीत दर्ज की है.
सभी एनडीए गठबंधन के उम्मीदवारों ने काफ़ी अंतर से चुनाव जीता है.बीजेपी और UPPL ने 54फ़ीसदी वोट हासिल किए हैं.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट करके कहा है कि ‘यह जीत सुखद है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुसारहम विकास के रास्ते पर चलना जारी रखेंगे.’
बीजेपी को पश्चिम बंगाल में सिर्फ़ निराशा हाथ लगी है जबकि पूर्व और उत्तर पूर्व भारत में 30 अक्तूबर को हुए उप-चुनावों में बीजेपी और उसके सहयोगियों की जीत हुई है.
बिहार की दो विधानसभा सीटों पर हुए उप-चुनावों में नीतीश कुमार की जेडीयू ने जीत दर्ज की है. हालांकि इसके लिए उसे आरजेडी से कड़ी टक्कर भी मिली है. कुशेश्वर स्थान सीट को जेडीयू ने 12,000 वोटों के अंतर से और तारापुर सीट को 3,000 वोटों के अंतर से जीता है.
नेशनल पीपल्स पार्टी के नेतृत्व वाले मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस ने सभी तीनों सीटों पर जीत दर्ज की है. NPP बीजेपी के साथ गठबंधन में है.
वहीं मेघालय में एनडीए की सहयोगी मिज़ो नेशनल फ़्रंट ने एक सीट पर जीत दर्ज की है.








