Advertisement

गुरुग्राम में आठ जगहों पर नहीं पढ़ी जाएगी नमाज़, प्रशासन ने अनुमति वापस ली

गुरुग्राम में आठ जगहों पर नहीं पढ़ी जाएगी नमाज़, प्रशासन ने अनुमति वापस ली

गुरुग्राम में हर शुक्रवार को खुले में होने वाली जुमे की नमाज़ के लिए चिह्नित की गई 37 जगहों में से 8 जगहों के लिए दी गई अनुमति को ज़िला प्रशासन ने रद्द कर दिया है.

हर शुक्रवार को खुले में नमाज़ को लेकर विवाद के बाद साल 2018 में 37 जगहों को नमाज़ पढ़ने के लिए चिन्हित किया गया था लेकिन बीते लगभग एक महीने से गुरुग्राम के कई सेक्टर के स्थानीय निवासी और हिंदू संगठन नमाज़ पढ़ने का विरोध कर रहे थे.

भारत की हार, पाकिस्तान की जीत पर जश्न मनाने वालों की नागरिकता ख़त्म होः बीजेपी नेताझारखंड विधानसभा में नमाज़ के लिए एक कमरे पर विवाद

मंगलवार को गुरुग्राम पुलिस और प्रशासन ने बयान जारी करते हुए 8 जगहों को चिह्नित जगहों की सूची से बाहर कर दिया और इसका कारण ‘स्थानीय निवासियों और रेज़िडेंट वेलफ़ेयर एसोसिएशन की आपत्ति’ को बताया है.

बयान में कहा गया है कि अगर दूसरी जगहों पर भी ऐसी ही ‘आपत्ति’ दर्ज की जाएगी, तो वहाँ से भी ‘अनुमति वापस ले लाएगी.’

गुरुग्राम प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक और खुली जगहों पर नमाज़ पढ़ने के लिए प्रशासन की अनुमति लेना आवश्यक है. अगर स्थानीय निवासी दूसरी जगहों पर भी आपत्ति दर्ज करते हैं, तो वहाँ भी नमाज़ की अनुमति नहीं दी जाएगी.

नमाज़ पढ़ने के लिए जिन आठ जगहों से अनुमति वापस ली गई हैं, उनमें जकारंदा मार्ग पर डीएलएफ़ स्क्वेयर टावर के नज़दीक, सूरज नगर फ़ेस-1, डीएलएफ़ फ़ेस 3 का वी ब्लॉक, सेक्टर 49 की बंगाली बस्ती शामिल है.

इसके अलावा गुरुग्राम के बाहरी इलाक़ों जैसे खेड़की माजरा, दौलताबाद गांव, सेक्टर 68 में रामगढ़ गांव के नज़दीक और रामपुर गांव और नखरोला रोड के नज़दीक जिन जगहों पर नमाज़ पढ़ी जाती थी, वहाँ पर अब नमाज़ नहीं होगी.

कमेटी का गठन

अंग्रेज़ी अख़बार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के मुताबिक़ गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर यश गर्ग ने एक कमेटी का गठन किया है, जिसमें एसडीएम, एसीपी स्तर के पुलिस अफ़सर, हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग और सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हैं.

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5

यह कमेटी ऐसी जगहों की सूची बनाएगी, जहाँ पर जुमे की नमाज़ पढ़ी जा सके.

यश गर्ग ने बताया, “बीते दो दिनों में मैं दोनों समुदायों के प्रतिनिधिमंडल से मिला हूँ. एक कमेटी का गठन किया गया है और यह सभी पक्षों से बात करके आने वाले दिनों में एक समाधान को खोजने की कोशिश करेगी.”

वहीं पुलिस ने जो अपना बयान जारी किया है उसमें लिखा है, “कमेटी सुनिश्चित करेगी नमाज़ सड़क, क्रॉसिंग या सार्वजनिक जगह पर न पढ़ी जाए. नमाज़ के लिए जगह चिह्नित या उसकी पहचान करने का फ़ैसला स्थानीय निवासियों की सहमति के बाद ही लिया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्थानीय निवासियों को उस इलाक़े में नमाज़ पढ़ने से कोई समस्या न हो. प्रशासन सुनिश्चित करेगा कि फ़ैसले से आम जनता को कोई असुविधा न हो और क़ानून-व्यवस्था बरक़रार रहे. नमाज़ किसी भी मस्जिद, ईदगाह, निजी या चिह्नित जगह पर पढ़ी जा सकती है.”

मुसलमानों के लिए क्यों ख़ास है जुमे की नमाज़मोदी के दौरे पर बांग्लादेश में हुई हिंसा पर क्या बोले वहां के गृह मंत्री

लगातार होते विरोध प्रदर्शन

खुले में नमाज़ पढ़ने को लेकर बीते कई हफ़्तों से गुरुग्राम के कई इलाक़ों में स्थानीय निवासी और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

बीते सप्ताह गुड़गांव के सेक्टर 12-ए में ऐसे ही विरोध प्रदर्शन के बाद 28 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था. ऐसे ही साप्ताहिक प्रदर्शन सेक्टर 47 में भी हो रहे थे.

एसीपी अमन यादव ने कहा था, “स्थानीय निवासी सेक्टर 47 के ग्राउंड में जुमे की नमाज़ के ख़िलाफ़ लगातार चौथे सप्ताह पूजा करते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. समाधान ढूंढने के लिए कोशिशें जारी हैं जिसमें नमाज़ पढ़ने के लिए वैकल्पिक जगह ढूंढना भी शामिल है.”

साल 2018 में हिंदू और मुस्लिम समुदायों में खुले में नमाज़ पढ़ने को लेकर हुए विवाद के बाद प्रशासन ने बातचीत के बाद 37 जगहें तय की थीं.

प्रदर्शनकारियों का दावा है कि प्रशासन की यह ‘व्यवस्था’ स्थायी नहीं थी और सिर्फ़ एक दिन के लिए यह अनुमति दी गई थी.

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.16.05