Advertisement

जन्मदिन विशेष:- महाराज कुमार चण्डिकेश्वर शरण सिंहदेव 02.01.1914 जन्मदिन,कुमार_साहेब के नाम से लोकप्रिय एवं विख्यात”सरगुज़ा स्टेट”के स्टेट कौन्सिल के डेव्हलपमेंट मेम्बर रहे।

जन्मदिन विशेष:- महाराज कुमार चण्डिकेश्वर शरण सिंहदेव 02.01.1914 जन्मदिन,कुमार_साहेब के नाम से लोकप्रिय एवं विख्यात”सरगुज़ा स्टेट”के स्टेट कौन्सिल के डेव्हलपमेंट मेम्बर रहे।

अम्बिकापुर का भव्य आलीशान सर्किट हॉउस कुमार_साहब का निजी निवास था जिसे कुमार_पैलेस के नाम से जाना जाता है, जिसमें बेशकीमती इटली की मोजाइक फ़र्श, खिड़की दरवाजों की काँच तथा झाड़ फ़ानूस बेल्जियम ग्लास तथा लकड़ियां वर्मा से आयातित टीक वुड इस्तेमाल हुई हैं, इस शानदार बिल्डिंग का निर्माण तब के प्रख्यात फर्म “हीरालाल एण्ड ब्रदर्स” द्वारा की गई थी जिसमें हेड मिस्त्री रसूल मियाँ थे, जिनके नाम पर महामाया रोड़ में रसूलपुर बस्ती बस गया है. कुमार पैलेस की बिजली फिटिंग्स यूरोपियन फ़र्म “गंगोली कम्पनी” कलकत्ता द्वारा की गई थी. सरगुज़ा स्टेट के रानी तालाब के उत्तर में स्थित विशाल स्टेट पॉवर हॉउस में किर्लोस्कर तथा ऑस्लर कम्पनी के साथ गंगोली कम्पनी की भी साझेदारी थी, अब “कुमार पैलेस” परिसर में कई कालोनी सहित आकाशवाणी, दूरदर्शन केन्द्र, बटालियन, जज एवँ एसपी बँगला समा गए. कुमार साहब अच्छे विशेषज्ञ कृषक भी थे,अम्बिकापुर दर्रीपारा की हृदयस्थली में स्थित चारों तरफ सड़क से घिरा गेहूँबाड़ी इनका फॉर्महाउस था.

सरगुज़ा के हिजहाईनेस महाराजा रामानुज शरण सिंहदेव का सन 1909 में काशीपुर नैनीताल की पद्मकुंवरी गँगा महारानी से विवाह हुआ था, वे राजा हरिराज सिंहजी की पुत्री तथा राजा उदयराज सिंह जी की बहन थीं. गँगा महारानी के दो पुत्र क्रमशः महाराजा अम्बिकेश्वर शरण सिंहदेव (14.12.1910 – 18.12 1966), एवँ महाराज कुमार चण्डिकेश्वर शरण सिंहदेव (02.01.1914 – 1981) हुए, जो कुमार_साहेब के नाम से लोकप्रिय एवं विख्यात रहे. ये स्नातक तथा ICS स्तर का परिपक्व अध्ययन एवं प्रशिक्षण प्राप्त थे तथा लोकतंत्रिय व्यवस्था लागू कर चुके “सरगुज़ा स्टेट” के स्टेट कौन्सिल के डेव्हलपमेंट मेम्बर थे।

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj

कुमार साहब का विवाह सीकर राजस्थान की महाराज कुमरानी भुपेश्वरी भूपेश्वरी देवी (31.08.1914 – 9/10.07.1988) से हुआ जो सीकर राजस्थान के राजा माधव सिंह KCIE, की पुत्री थीं. सीकर से आये कर्मचारियों के लिए गेहूँ बाड़ी के दक्षिण, मणिपुर स्कूल के पश्चिम में बना “सीकर क्वॉर्टर” आज भी खड़ा है. कुमार साहब एवँ कुमाररानी साहिबा के क्रमशःपाँच पुत्र, तीन पुत्री हुए.
1)- रा.कु. त्रिपुरेश्वर शरण सिंहदेव (12.03.1931 – 20.12.1961)
2)- रा.कु. माधेश्वर शरण सिंहदेव ‘बसदेई बाबा’, (08.04.1935 – 09.03.2015)
3)- रा.कु. विजेश्वर शरण सिंहदेव, MLA सूरजपुर (22.10.1938 – 31.01.1974)
4)- रा.कु. उमेश्वर शरण सिंहदेव, दशहरा, (10.10.1940 – 21.05.2019)
5)- राजकुमारी स्वर्णलता, पटना
6)- रा.कु. सोमेश्वर शरण सिंहदेव (02.07.1947)
7)- राजकुमारी प्रभा कुमारी, दिवंगत
8)- राजकुमारी ज्योति कुमारी, दिवंगत

कुमार साहब के बड़े पुत्र श्रीनगर, रामानुजनगर, दूसरे बसदेई में रहते थे, तीसरे विजेश्वर, VS, एमएलए 1967, का रघुनाथ पैलेस में रहते रघुनाथ हॉस्पिटल में निधन हो गया. यूएस राजा और सबसे छोटे नान्हू राजा “सरगाँवा पैलेस” अम्बिकापुर में निवासरत हैं. पाँच भाइयों के परिवार में केवल एक पुत्र राकु बिन्देश्वर शरण सिंहदेव है जो सूरजपुर जिला के काँग्रेस अध्यक्ष हैं. सबसे बड़े भाई की तीन पुत्री, दूसरे एवँ तीसरे अविवाहित दिवंगत चौथे भाई की एक पुत्र, विन्की बाबा सहित एक पुत्री तथा छोटे पाँचवें भाई की दो पुत्रीयां हैं.
महाराज कुमार चण्डिकेश्वर शरण सिंहदेव को क्रान्तिकारीयों और सत्याग्रहियों की गोपनीय मदद, फ़ंडिंग, पुनर्वास इन्हीं के जिम्मे थी, बेहतरीन निशानेबाज, शिकारी, शतरंज़ और पोलो खिलाड़ी, कुमार साहेब दृढ़निश्चयी, उदार और प्रजा के लिए संकटमोचक थे. स्टेट मर्ज़र के बाद ये “सरगुज़ा-रायगढ़” के सांसद भी रहे, तब इनके पिता महाराजा रामानुज शरण सिंहदेव सरगुज़ा से सीपी एण्ड बरार की राजधानी नागपुर में विधायक थे.

य़ह पढ़े: “सरगुजा स्टेट” के दीवान डी. डी. डैडीमास्टर द्वारा लिखित, इलाहाबाद के पायोनियर प्रेस से 1921 में छपे कम्पाइल्ड इतिहास की महत्वपूर्ण प्रामाणिक पुस्तक “SIRGUJA” में रामगढ़ के पुरातात्विक विवरण…

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47