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पढ़ाई के स्तर को ऊँचा करने की पहल

बलौदाबाजार : पढ़ाई के स्तर को ऊँचा करने की पहल

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बच्चों के भाषा पठन एवं गणितीय कौशल मजबूत करने होगा प्रयास

100 दिन के अंदर पहली से आठवीं तक के बच्चों को दिया जाएगा कौशल ज्ञान

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बलौदाबाजार, 11 जनवरी: कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई में पड़े असर को देखते हुए शिक्षा विभाग तरह-तरह के उपाय अपनाकर बच्चों के पढ़ाई के स्तर को उठाने का प्रयास कर रहा है। कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई, मोहल्ला क्लॉस, स्कूल खुलने के बाद उसके स्तर को जानने के लिए बेस लाइन आंकलन और स्कूल में पढ़ाई के बाद मिड लाईन सर्वे परीक्षा के आधार पर स्तर मापने का प्रयास किया जा रहा है।
    जिला मिशन संचालक एवं कलेक्टर श्री सुनील कुमार जैन के कुशल मार्गदर्शन में बेस लाइन सर्वे की रिपोर्ट के बाद शिक्षा विभाग ने बच्चों के भाषा पठन कौशल व गणितीय कौशल को बेहतर करने का प्रोग्राम तैयार किया है। इसके आधार पर शिक्षा विभाग के अधिकारी व शिक्षक बच्चों के भाषा पठन व गणितीय कौशल को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि जो बच्चे के भाषा पठन व गणितीय कौशल में मजबूत होंगे, उन्हें किसी भी विषय में परेशानी नहीं होगी। इसलिए विभाग की ओर से 100 दिन के अंदर आंगनबाड़ी व पहली से आठवीं तक के बच्चों को भाषा पठन व गणितीय कौशल का ज्ञान दिया जाएगा। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी श्री सी.एस. ध्रुव व जिला परियोजना समन्वयक श्री आर. सोमेश्वर राव का कहना है कि 100 दिन के अंदर बच्चों के भीतर भाषा पठन व गणितीय कौशल मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए तैयारी भी की जा रही है। बच्चें में छिपी प्रतिभा को निखारने के लिए कदम उठाए जा रहे है।
जानिए कैसा है 14 सप्ताह का प्रोगाम
    बच्चों में भाषा वाचन कौशल विकास के लिए पहले सप्ताह में खिलौने के माध्यम से उसे देखकर पहचानना बताना, दूसरे सप्ताह में कार्ड में लिखकर अपने पालक, लोगों को पहचाना, तीसरे सप्ताह में हाव-भाव, गीत-कविताओं का वाचन, चौथे सप्ताह में आंगन में शिक्षा यानी पालक आंगन में बच्चों को उन्मुखीकरण व विशेष मेंलों की जानकारी देंगे, पांचवें सप्ताह में शाला के मुस्कान पुस्तकालय का उपयोग, छठवें सप्ताह में सीमित और कुछ चुनिंदा वर्षों का प्रयोग, सातवें सप्ताह में हाव-भाव के साथ हिंदी व अंग्रेजी भाषा में गीत-कविताएं, आठवें सप्ताह में श्रृृति लेख का अभ्यास, नौवे सप्ताह में सूक्ष्म गत्यात्मक कौशलों का विकास यानी आगे पढ़ना व लिखना, दसवें सप्ताह में छूने व उनसे खूब सारे शब्द बनाने का अभ्यास, ग्यारहवें सप्ताह में अंग्रेजी के वर्णों की पहचान, बारहवें सप्ताह में इस्तेमाल होने वाले अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग, तेरहवें सप्ताह में मातृ भाषा में सामग्री तैयार कर उनका सामूहिक वाचन और अंतिम व चौदहवें नाटक का प्रदर्शन कराया जाएगा। इसी प्रकार गणित कौशल के विकास के लिए तीनों स्तर के लिए अलग-अलग कौशल निर्धारित किए गए हैं बच्चों में कौशल विकास के परीक्षण के लिए शाला स्तर पर विद्यार्थी विकास सूचकांक का प्रदर्शन भी किया जाना हैं, बच्चों के उपलब्धि स्तर का पता चल सके।
ऑन लाईन समीक्षा
    जनवरी से अप्रैल के बीच 14 सप्ताह चलने वाले अभियान के लिए हर सप्ताह अलग-अलग गतिविधियों के साथ योजना तैयार की गई है नियमित समीक्षा ऑनलाईन होगी। नियमित समीक्षा ऑनलाईन होगी। कोरोना से प्रभावित होने को कारण बच्चों को जनरल प्रमोशन देकर पास कर दिया गया है, जिसकी वजह से उनकी बुनियादी शिक्षा पर काफी प्रभाव पड़ा है। इस कमी को दूर करने के लिए ही यह अभियान    चलाया जा रहा है।

बुजुर्गों के जीवन में लौटा उजियारा

Ashish Sinha

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