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जिला खनिज संस्थान न्यास की प्रबंधकारिणी समिति की बैठक 11 मार्च को, वार्षिक कार्य योजना और विकास परियोजनाओं पर होगा मंथन

जिला खनिज संस्थान न्यास की प्रबंधकारिणी समिति की बैठक 11 मार्च को, वार्षिक कार्य योजना और विकास परियोजनाओं पर होगा मंथन

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महासमुंद, 6 मार्च 2025 – जिला खनिज संस्थान न्यास की प्रबंधकारिणी समिति की बैठक 11 मार्च 2025 को अपराह्न 4:00 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर विनय कुमार लंगेह करेंगे। यह बैठक जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 के अध्याय-तीन, नियम 14 के तहत बुलाई गई है, जिसमें न्यास के कार्यों के प्रबंधन एवं वार्षिक कार्य योजना 2025-26 को तैयार करने पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा, न्यास नियमों के अंतर्गत निर्धारित शक्तियों एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा होगी। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्यों को नियत तिथि और समय पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक का उद्देश्य और महत्व

जिला खनिज संस्थान न्यास की प्रबंधकारिणी समिति की बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में खनिज संपदा के बेहतर उपयोग और उससे प्राप्त राजस्व का सही दिशा में निवेश सुनिश्चित करना है। न्यास के तहत खनन प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल आपूर्ति और अन्य विकास कार्यों को गति देने के लिए योजनाएँ बनाई जाती हैं। इस बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के साथ-साथ विगत वर्षों की परियोजनाओं की समीक्षा भी की जाएगी।

बैठक के एजेंडा बिंदु

वार्षिक कार्य योजना 2025-26 का निर्धारण: जिले में खनिज न्यास के माध्यम से संचालित होने वाली योजनाओं और परियोजनाओं का निर्धारण किया जाएगा।

खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास योजनाएँ: सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों, पेयजल आपूर्ति और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित परियोजनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों की समीक्षा: पूर्व में लिए गए निर्णयों का क्रियान्वयन कितना हुआ, इस पर चर्चा होगी।

नवीन परियोजनाओं की स्वीकृति: नई परियोजनाओं की आवश्यकताओं का आकलन कर उन्हें स्वीकृत किया जाएगा।

वित्तीय रिपोर्ट एवं बजट प्रबंधन: न्यास के बजट की समीक्षा की जाएगी और आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित बजट तैयार किया जाएगा।

खनन से प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में राहत योजनाएँ: ग्रामीणों को मिलने वाली सहायता और पुनर्वास योजनाओं पर विचार किया जाएगा।

न्यास नियमों में सुधार और संशोधन: शासन द्वारा किए गए किसी भी नए संशोधन को लागू करने पर चर्चा की जाएगी।

खनिज न्यास की भूमिका और अब तक की उपलब्धियाँ

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जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) का गठन खनन से प्रभावित क्षेत्रों के विकास के उद्देश्य से किया गया है। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल और पर्यावरण सुधार के कार्यों के लिए खनन से प्राप्त राजस्व का उपयोग किया जाता है। महासमुंद जिले में न्यास के माध्यम से कई विकास परियोजनाएँ संचालित की गई हैं, जिनमें प्रमुख रूप से ग्रामीण सड़कों का निर्माण, स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना, शिक्षा के लिए आधारभूत संरचनाओं का विकास, जल आपूर्ति योजनाएँ और पर्यावरण संरक्षण कार्य शामिल हैं।

पिछले वर्षों में खनिज न्यास के माध्यम से कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं, जैसे:

ग्रामीण सड़कों का निर्माण: सुदूर गाँवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए नए मार्ग बनाए गए हैं।

शुद्ध पेयजल आपूर्ति: फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल योजनाएँ लागू की गई हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार: खनन प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और मोबाइल हेल्थ वैन की सुविधा बढ़ाई गई है।

शिक्षा के क्षेत्र में योगदान: सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास और डिजिटल लर्निंग सुविधाओं को बढ़ावा दिया गया है।

बैठक से संभावित निर्णय और भविष्य की योजनाएँ

इस बैठक में वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसमें खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए प्राथमिकताएँ तय की जाएँगी। विशेष रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जाएगा।

बैठक में कुछ नए प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना है, जैसे:

खनन प्रभावित क्षेत्रों में रोजगार सृजन योजनाएँ

पर्यावरण सुधार के लिए वृक्षारोपण और जल संरक्षण परियोजनाएँ

खनिज न्यास के बजट का सही और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू करना

स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए टेलीमेडिसिन सुविधाओं की शुरुआत

समिति के सदस्यों की भूमिका और जिम्मेदारी

प्रबंधकारिणी समिति की यह बैठक जिले में खनिज संसाधनों से प्राप्त निधि के न्यायसंगत उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। समिति के सदस्यों की जिम्मेदारी होगी कि वे प्रस्तावित परियोजनाओं का निष्पक्ष मूल्यांकन करें और ऐसी योजनाओं को प्राथमिकता दें, जो वास्तव में खनन प्रभावित समुदायों को लाभ पहुँचा सकें।

जिला खनिज संस्थान न्यास की यह बैठक विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अहम होगी। इसमें लिए जाने वाले निर्णय जिले की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में सहायक होंगे। खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में यह बैठक एक महत्वपूर्ण कदम होगी। समिति के निर्णयों का प्रभाव भविष्य में जिले के विकास पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

Ashish Sinha

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