बिश्रामपुर डीएवी स्कूल के प्राचार्य पर लगाया गया छेड़खानी का आरोप झूठी निकली।

बिश्रामपुर डीएवी स्कूल के प्राचार्य पर लगाया गया छेड़खानी का आरोप झूठी निकली

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छात्र की मां ने सुरजपुर मजिस्टेट के समझ अपना बयान दर्ज कराई

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गोपाल सिंह विद्रोही प्रदेश खबर प्रमुख सीजी,अपने बयान में छात्र की मां ने कहा कि पुत्री कोविड संक्रमित थी और मास्क लगाई थी इस लिए उसकी बात नही समझ पाए । जानकारी के अनुसार विश्रामपुर डीएवी पब्लिक स्कूल बिश्रामपुर के प्राचार्य पर छात्रा द्वारा लगाया गया था, छेड़खानी के इस आरोप से नागरिक एवं विद्यालय के छात्र-छात्राओं के पालक भड़क गए थे । श्रम प्रतिनिधियों ने भी इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी ।प्राचार्य के खिलाफ छेड़छाड़ की झुटी शिकायत करने का आरोप लगा कर छात्रा के परिजनों के खिलाफ अक्रोशित थे। विद्यालय के विद्यार्थी शिक्षक एवम जनप्रतिनिधि सभी इस आरोप से दुखित थे।डी ए वी पब्लिक स्कूल की एक 14 साल की ने छात्रा ने अपने विद्यालय के प्राचार्य के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत कर दी थी। पुलिस ने स्कूल के प्रिंसिपल खिलाफ पॉक्सो एक्टव की धारा 2012 के तहत और छेड़छाड़ की धारा 354 का मामला दर्ज कर ली थी . आरोप था कि एक जनवरी प्राचार्य आरजेके रेड्डी ने घर में बुला कर अश्लील हरकत की।शिकायत पर डीएवी पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल आर जेके रेड्डी खिलाफ पोक्सो एक्ट व छेड़छाड़ का मामला दर्ज कर दिया गया उधर प्राचार्य ने कहा था कि विद्यालय के लाइब्रेरी में लाईलैब्रेरियर कि नियुक्ति लिए छात्रा की मां दबाव बना रही थी नियुक्ति नहीं मिलने पर यह घिनौना कदम उठाया गया ।प्राचार्य ने अपनी सफाई में कहा कि 1 जनवरी को जो मुझ पर आरोप लगाया गया उस वक्त घर में परिवार के पत्नी व लड़का मौजूद थे ऐसे आरोप सही हो सकता है क्या? बहरहाल विद्यालय के प्राचार्य पर लगाए गए आरोप पर श्रमिक नेताओं, विद्यालय के छात्रों के पालकों, विद्यालय स्टॉप आरोप लगाने वाली छात्रा मां के खिलाफ अक्रोशित थे।।नागरिकों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी ।
छात्र की मां सुरजपुर एसपी को भी आवेदन दे कर स्पष्ट किया था प्राचार्य के ऊपर मुझसे आरोप लगाया था गलत फहमी के कारण हुई थी ।पुत्री कोवीड संक्रमित थी 1 जनवरी को बधाई देने प्राचार्य के पास पहुंची थी प्राचार्य ने पढ़ाई को लेकर फटकार लगा दी थी जिस पर वह रोते हुए आई हमने उसके बातो को समझ नही पाया और पुलिस थाना में शिकायत कर दी । बाद में समझ में आया तो मैं अपना शिकायत वापस लेती हुं । इस आशय कि छात्र की मां ने सुरजपुर न्यायालय में अपना 164 के तहत भी बयान दर्ज करा कर मामला को समाप्त करने की गुजारिश की है।अब सवाल यह उठता है थोड़ी सी गलत फहमी कहना आसान एक पक्ष के लिए हो सकता है परंतु दूसरे पक्ष हुए चारित्रिक हनन की दाग कभी मीट सकता है?

प्रभारी पुलिस अधीक्षक सूरजपुर ने ली थाना-चौकी प्रभारियों की वर्चुअल क्राईम मीटिंग।