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जगदलपुर में आकार लेने लगी है राज्यस्तरीय शहीद गुण्डाधुर तीरंदाजी अकादमी

जगदलपुर : जगदलपुर में आकार लेने लगी है राज्यस्तरीय शहीद गुण्डाधुर तीरंदाजी अकादमी

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर की थी घोषणा

जगदलपुर, 29 जनवरी 2022 गणतंत्र दिवस के अवसर पर जगदलपुर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप शहीद गुण्डाधुर राज्य स्तरीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापना की तैयारियां शुरु हो गई हैं। इस अकादमी में बस्तर के खिलाड़ियों के साथ-साथ राज्य के उत्कृष्ट तीरंदाजों को आवासीय एवं गैर आवासीय उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की सुविधा प्राप्त होगी।    
        खिलाड़ियों को विश्वस्तर की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय मापदण्डों के अनुरूप जगदलपुर क्रीड़ा परिसर में 120 मीटर का सुरक्षित आरचरी रेंज तैयार किया गया है। इसमें इंडियन आरचरी के साथ ओलम्पिक के इंवेन्ट रिकर्व एवं कम्पाउंड के 50 – 60 खिलाड़ी एक साथ एक समय में अभ्यास व प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। 30 मीटर इंडोर आरचरी रेंज की भी सुविधा खिलाड़ियों के लिए तैयार की गयी है, ताकि बरसात के दिनों में भी प्रशिक्षण प्रभावित न हो। 50 गुना 30 मीटर के विशाल कवर्ड शेड सहित ट्रेनिंग सेन्टर भवन में खिलाड़ियों के लिए चेंजिंग रूम,  रेस्ट रूम,  प्रशिक्षक के लिए रूम,  टेक्निीकल विडीयो एनालिसेस रूम,  स्टोर रूम,  आफिशियल लाउंच आदि का निर्माण किया गया है।
    अकादमी के लिए निर्धारित मापदण्डों के आधार पर खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें आवासीय प्रशिक्षण के साथ शिक्षा आदि की भी सुविधा प्रदान की जायेगी। प्रशिक्षण के लिए स्थानीय प्रशिक्षक के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता, ओलम्पिक आदि में पदक प्राप्त खिलाड़ी या उनकी संस्था से अनुबंध कर विश्वस्तरीय प्रशिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। इससे राज्य के खिलाड़ी भी ओलम्पिक, एशियाड, कॉमनवेल्थ जैसी अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए तैयार किए जा सकेंगे। इसके लिए शासन के साथ-साथ सी.एस.आर. का भी सहयोग लिया जायेगा। अकादमी संचालन के लिए प्रशासनिक ढांचें के साथ कीमती प्रशिक्षण सामग्री,  सायकलॉजिकल,  मेंटल तथा फिजिकल सेन्टर का प्रावधान किया जाएगा।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने के साथ-साथ उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ना भी लक्ष्य
अकादमी का उद्देश्य राज्य के तीरंदाज खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाओं, उपकरणों, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों के माध्यम से ओलम्पिक में मेडल के लक्ष्य को हासिल करना है। इसके माध्यम से आदिवासी अंचलों पारम्परीक खेल के लिए युवाओं को प्रोत्साहित कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जाएंगे। शासन की उत्कृष्ट खिलाड़ी नीति के तहत उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। अकादमी की नियमावली का निर्धारण कर प्रशासकीय एवं प्रशिक्षण अमले द्वारा उसका क्रियान्वयन किया जाएगा। खिलाडियों की आवास,  चिकित्सा,  शिक्षा,  खेल प्रतियोगिताओ में प्रतिनिधित्व,  नियमित प्रशिक्षण,  बीमा आदि की सुविधाएं अकादमी के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी।
अंतर्राष्ट्रीय मानकों के आधार पर होगा खिलाड़ियों का चयन
अकादमी में राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मानकों के आधार पर खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। इसमें एन्थ्रोपोमेट्रिक मेजरमेंट- आई डोमिनेंट टेस्ट,  ब्रीथ एण्ड विकनेस,  ड्रा लेंग्थ टेस्ट,  लंग्स केपेसिटी, चेस्ट एक्सपोंशन, कार्डियो एफिसिएंसी,  स्पेसिफिक फीटनेस टेस्ट- इण्डोरेंस स्ट्रेंग्थ,  बॉडी कार्डिनेशन  एण्ड बैलेंस, जनरल बैटरी टेस्ट,  टूर्नामेंट स्कोर – इण्डियन राउण्ड 30 मीटर, रिकव्हर, कम्पाउंड राउण्ड 50 मीटर 70 मीटर,  मनोविज्ञान एवं मानसिक फिटनेस टेस्ट -खेल में रूचि,  खेल के प्रति समर्पण, व्यवहार आचरण,  आत्मविश्वास,  मेडीकल फिटनेस – मान्यता प्राप्त चिकित्सालय के अधिकृत चिकित्सक द्वारा प्रमाणित स्वास्थ प्रमाण पत्र शामिल हैं। उक्त टेस्ट के साथ जूनियर एवं सब जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त खिलाड़ियों का प्राथमिकता दी जायेगी।
अकादमी के माध्यम से आर्चरी फेडरेशन आफ इंडिया से एफिलेशन प्राप्त कर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता एवं प्रशिक्षण कैम्प के आयोजन कराये जा सकेगें। साथ ही ओलम्पिक मेडल विजेता खिलाड़ियों के द्वारा संचालित अकादमियों से अनुबंध कर उनके स्वयं के अनुभव व प्रशिक्षकों का लाभ अकादमी के खिलाड़ियों को प्राप्त हो सकेगा। अकादमी में उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर खेलो इंडिया के अंतर्गत भारतीय खेल प्राधिकरण के उच्च स्तरीय प्रशिक्षण केन्द्र की सुविधा के भी प्रयास किये जाएंगे।

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मंत्रालय एवं समस्त विभागाध्यक्ष कार्यालयों में 31 जनवरी से तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की 50 प्रतिशत उपस्थिति के निर्देश।

Ashish Sinha

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