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पोषण पुनर्वास केंद्रों में खिल रहा बचपन, जिले के सभी एनआरसी में पहुंचे 54 गंभीर कुपोषित बच्चे, बेड ओक्यूपेंसी औसत दर 61.70 से बढ़कर हुई शतप्रतिशत।

कोरिया : पोषण पुनर्वास केंद्रों में खिल रहा बचपन, जिले के सभी एनआरसी में पहुंचे 54 गंभीर कुपोषित बच्चे, बेड ओक्यूपेंसी औसत दर 61.70 से बढ़कर हुई शतप्रतिशत

बच्चों को एनआरसी लाने कलेक्टर की रोस्टर रणनीति सफल, रोस्टर के अनुसार निरंतरता बनाये रखने कलेक्टर के सख्त निर्देश
बच्चों को पोषण आहार के साथ मनोरंजन के लिए खेल-कूद की सुविधाएं और लुभावने कार्टून चित्र भी मौजूद

कोरिया 09 फरवरी 2022 कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में पोषण पुनर्वास केंद्रों की बड़ी भूमिका है। पोषण पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से कुपोषित बच्चों के जीवन में सेहत की बहार लाने की कोशिश की जा रही है। जनवरी 2022 में आयोजित वजन त्योहार में 603 बच्चों को गंभीर कुपोषित श्रेणी में चिन्हांकित किया गया है। इन बच्चों को नजदीकी पोषण पुनर्वास केंद्रों में रखा जाएगा जहां उनके वर्तमान कुपोषण की स्थिति को मद्देनजर रखते हुए पोषण सुविधाएं और बच्चों की माताओं या अन्य देखभाल करने वालों को बच्चो के समग्र विकास हेतु आवश्यक देखभाल तथा खानपान संबंधित कौशल का प्रशिक्षण दिया जाता है।

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कलेक्टर श्री शर्मा की रोस्टर रणनीति सफल, जिले में एनआरसी में कुल 50 बेड उपलब्ध, शतप्रतिशत बेड ओक्यूपेंसी पूर्ण कोरिया जिले में 5 पोषण पुनर्वास केंद्र हैं। जिनमे कुल 50 बेड उपलब्ध हैं। बेहतर पोषण और स्वास्थ्य की सौगात के लिए जिले में बच्चों को पोषणपुनर्वास केंद्रों में लाने के लिए कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा के पहल पर इस दिशा में नई रणनीति तैयार की गयी जिसका परिणाम है कि वर्तमान में शतप्रतिशत बेड ओक्यूपेंसी के साथ कुल 54 बच्चे एनआरसी में हैं। बच्चों को एनआरसी लाने के लिए रोस्टर तैयार किया गया है। जिसके अनुसार माताओं और बच्चों को लाया जा रहा है। यहां बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने देख रेख के साथ पोषण आहार दिया जाएगा।

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उल्लेखनीय है कि कलेक्टर ने पूर्व में स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ बैठक कर पोषण पुनर्वास केंद्रों की स्थिति पर चर्चा की थी जहां संतोषजनक स्थिति ना देखते हुए शतप्रतिशत क्षमता का प्रयोग करते हुए मार्च 2022 तक सभी गंभीर कुपोषित बच्चों को पुनर्वास केन्द्रों में रखा जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। वर्तमान में कुल उपलब्ध बेड पर शतप्रतिशत उपस्थिति है। कलेक्टर शर्मा ने रोस्टर के अनुसार बच्चों को लाने की प्रक्रिया को निरंतर बनाये रखने के सख्त निर्देश भी दिए हैं।

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पोषण पुनर्वास केंद्रों की वर्तमान स्थिति, बेड ओक्यूपेंसी औसत दर 61.70 से बढ़कर शतप्रतिशत
अप्रैल 2021 से जनवरी 2022 तक जिले में बेड ओक्यूपेंसी की औसत दर 61.70 प्रतिशत थी। नई रणनीति के तहत वर्तमान में यह 100ः प्रतिशत से भी ज्यादा है। पोषण पुनर्वास केंद्र जिला चिकित्सालय में वर्तमान में 09 बच्चे, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खड़गवां में 13 बच्चे, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर में 18 बच्चे, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेन्द्रगढ़ में 07 और सोनहत में 07 बच्चे हैं। केंद्रों में बच्चों के पोषण ही नहीं, उनके मनोरंजन के लिए खेल-कूद की सुविधाएं और लुभावने कार्टून चित्र भी मौजूद हैं।
पोषण पुनर्वास केंद्र के बारे में….

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पोषण पुनर्वास केंद्र सुविधा आधारित इकाई है जहां 5 वर्ष से कम व गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को चिकित्सकिय व पोषण सुविधाएं प्रदान की जाती है। इसके अलावा बच्चो के माताओं या अन्य देखभाल करने वालों को बच्चो के समग्र विकास हेतु आवश्यक देखभाल तथा खानपान संबंधित कौशल का प्रशिक्षण दिया जाता है। पोषण पुनर्वास केंद्र के स्टाफ-मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स, फीडिंग को नैदानिक व चिकित्सकीय प्रोटोकॉल में प्रशिक्षण प्रदाय किया जाता है। पोषण पुनर्वास केंद्र से डिस्चार्ज उपरांत बच्चे का चार बार फ़ॉलोअप लिया जाता है। विशेष चिकित्सा सुविधा, खानपान के माध्यम से 15 दिन तक बच्चों को भर्ती कर उपचार दिया जाता है। निश्शुल्क जांच, इलाज व खान-पान के साथ बच्चों को सुपोषित करने माताओं को भी प्रशिक्षण दिया जाता है। डिस्चार्ज के बाद माताओं को 2250 रुपये की सहायता भी दी जाती है

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