
रेप और हत्या के आरोपी बाबा खान को फांसी या मौत के बाद नहीं मिलेगी कब्रिस्तान में जगह-अफरोज
गोपाल सिंह विद्रोही प्रदेश ख़बर प्रमुख छत्तीसगढ़ सूरजपुर-जरही में नाबालिक के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में आक्रोश बढ़ते जा रहा है,अब मुस्लिम समाज ने भी आरोपी घटना की निंदा की है।समाज की ओर से मदरसा एवं कब्रिस्तान इंतेजामिया कमेटी के सचिव अफरोज खान प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोपी बाबा खान की मौत फांसी या स्वाभाविक मौत के बाद कब्रिस्तान में जगह न देने की बात कही है।
गौरतलब है कि नगर पंचायत जरही में 23 मार्च को 17 वर्षीय नाबालिक बालिका जब अपने घर में अकेली थी तब 12 बजे दोपहर को आरोपी साबीर अली खान उर्फ बाबा खान द्वारा घर में घुसकर उसके साथ बलत्कार किया गया एवं विरोध करने पर गला दबाकर हत्या कर दिया था।उसने घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिये उसके दुप्पटे से फाँसी लगाकर पंखे पर टांग दिया था।पुलिस ने बलात्कार और हत्या के मामले में बाबा खान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है लेकिन उसके घिनौने कृत्य को लेकर आक्रोश बढ़ते जा रहा है और उसे फांसी देने की मांग हो रही है।मुस्लिम समाज ने भी उसके उंस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए उसकी मौत के बाद उसे कब्रिस्तान में जगह न देने का निर्णय लिया है।मदरसा एवं कब्रिस्तान इंतेजामिया कमेटी के सचिव अफरोज खान ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि जरही में स्कूली छात्रा के साथ हुए जघन्य अपराध और हत्या के मामले को लेकर मुस्लिम समाज उद्वेलित है तथा इस तरह के कृत की कडे शब्दों में घोर निंदा करता है।इस दुख की घड़ी में पूरा समाज उस परिवार के साथ खड़ा है,साथ ही हम यह भी मांग करते हैं कि घिनौने अपराधी बाबा खान को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।साथ ही ये मांग भी करते हैं कि बाबा खान ने जो अपराध किया है उसे इस्लामिक कानून(रेप,हत्या) के मुताबिक आरोपी को बीच चौराहो में पत्थर से मार मार मौत की सजा दी जाए।उन्होंने कहा कि इस भटगांव अंजुमन कमेटी,मदरसा और कब्रिस्तान इंतेजामिया कमेटी के निर्णय अनुसार हम ये भी घोषणा करते हैं कि बाबा खान को फांसी की सजा पश्चात या पहले मृत्यु होती है तो उसे भटगांव/ जरही के एकमात्र कब्रिस्तान में जगह नहीं दी जाएगी और न ही कमेटी उसके अंतिम संस्कार में शामिल होगी,ऐसे लोगों के लिए जिन्दा या मुर्दा समाज में कोई जगह नहीं है।