रायपुर : छत्तीसगढ़ में चलेगा नशा मुक्ति अभियान

रायपुर : छत्तीसगढ़ में चलेगा नशा मुक्ति अभियान

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समाज कल्याण विभाग की निगरानी में चलेगालोगों को व्यसन के दुष्प्रभाव से जागरूक करने और व्यसन की प्रवृत्ति को रोकने के लिए पूरे छत्तीसगढ़ में नशा मुक्ति के लिए व्यापक स्तर पर अभियान की शुरुआत हो गई है। नशा की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए जिम्मा श्भारत माता वाहिनीश् को सौंपा गया है। यह पूरा अभियान राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग की निगरानी में संचालित किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में चलेगा नशा मुक्ति अभियान
गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू.एच.ओ.) की रिपोर्ट के अनुसार शराब सेवन से ही पूरे विश्व में हर साल करीब 20 लाख लोगों की मौत हो जाती है। वहीं नशा कई अन्य गंभीर बीमारियों की भी वजह बनता है। ऐसे में प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने व्यसन मुक्ति अभियान को लेकर विशेष तौर पर निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत भारत माता वाहिनी योजना का संचालन कर नशामुक्ति के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी है। नशामुक्ति का यह अभियान पूरे छत्तीसगढ़ में ग्राम स्तर पर चलाया जा रहा है। इसके लिए ग्राम स्तर से लेकर जिला एवं राज्य स्तर पर समितियों का गठन किया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग द्वारा योजना की प्रगति की हर तीन महीने समीक्षा की जाएगी। वहीं जिला कार्यालय की ओर से एक निश्चित अंतराल में कार्यों एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन संबंधी पालन प्रतिवेदन संचालक समाज कल्याण संचालनालय को प्रस्तुत किया जाएगा।

नशा मुक्ति अभियान
नशामुक्ति अभियान का ऐसा होगा स्वरूप
छत्तीसगढ़ में व्यसन मुक्ति अभियान और भारत माता वाहिनी योजना के संचालन के लिए बीते 23 फरवरी को समाज कल्याण विभाग की ओर से नोडल अधिकारियों की राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इस कार्यशाला के दौरान अभियान के स्वरूप को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और अभियान के बिंदु तय किए गए। इसके अंतर्गत ग्राम पंचायतों में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा नशामुक्ति के पक्ष में रैली, प्रभात फेरी, व्यसन से होने वाले दुष्परिणामों का प्रचार-प्रसार, नारे, दीवार लेखन, पोस्टर, पाम्पलेट, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जनसामान्य में नशामुक्ति के लिए जागरूकता विकसित करने का कार्य किया जाएगा। साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर नशा पीड़ितों के सर्वेक्षण, नशामुक्ति की प्रेरणा और उपचार के लिए विभाग अंतर्गत संचालित नशामुक्ति केन्द्रों में भर्ती कराने की कार्यवाही की जाएगी। नशामुक्ति अभियान के परीक्षण, निरीक्षण और अनुश्रवण की समुचित व्यवस्था की जाएगी। दूसरी ओर ग्राम पंचायतों में सुरक्षित, भयमुक्त वातावरण का निर्माण करते हुए संवेदनशील समाज के संकल्प को पूर्ण करने की दिशा में काम होगा।

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इन अवसरों पर विशेष रैली –
नशामुक्ति अभियान के अंतर्गत जागरूकता के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर 26 जनवरी, 30 जनवरी, 31 मई, 26 जून, 15 अगस्त, 02 अक्टूबर, 18 दिसम्बर को नशापान विरोध प्रभात फेरी, रैली व समारोह का आयोजन किया जाना है।

ग्राम पंचायत स्तर पर होगा भारत माता वाहिनी का गठन –
योजना के अनुसार ग्राम पंचायत स्तर पर भारत माता वाहिनी का गठन किया जा रहा है। इस समिति में महिला अध्यक्ष होंगी और समूह में अधिकतम तीन पुरुष सदस्य शामिल हो सकेंगे। सदस्यों के चयन में दिव्यांग, विधवा, परित्यक्त महिला, तृतीय लिंग के व्यक्ति, बौने व्यक्ति, नशामुक्त हो चुके व्यक्ति को प्राथमिकता दी जाएगी। भारत माता समूह को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष एवं सदस्यों का नाम ग्राम सभा से अनुमोदन के बाद संयुक्त/उप संचालक जिला कार्यालय समाज कल्याण में पंजीयन के लिए आवेदन करना होगा। इसके अलावा जिला एवं राज्य स्तर पर भी भारत माता वाहिनी समिति का गठन की प्रक्रिया चल रही है।

नशापान से ये भी दुष्प्रभाव –
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार नशापान (व्यसन) करने से कैंसर, अस्थमा, हृदयाघात, उच्च रक्तचाप, अल्सर, मधुमेह, नपुंसकता, पागलपन, उदर रोग, नेत्रों में खराबी, क्षय रोग जैसी व्याधियां और गंभीर बीमारी होने की आशंका बढ़ जाती है।

नशा पीड़ितों के लिए होगा पुनर्वास केन्द्र –
छत्तीसगढ़ शराब व्यसन मुक्ति अभियान (भारत माता वाहिनी योजना) से प्रेरित नशा पीड़ितों के लिए 15 बिस्तर का एक नशामुक्ति केन्द्र का संचालन प्रत्येक जिला मुख्यालय में यथासंभव स्वैच्छिक संस्थाओं के माध्यम से किया जाएगा।