राजनांदगांव : एनएमडीसी के सलाहकार दिनेश श्रीवास्तव ने किया मां बम्लेश्वरी जनहितकारी समिति महिला आश्रय एवं प्रशिक्षण केन्द्र का भूमिपूजन

राजनांदगांव : एनएमडीसी के सलाहकार दिनेश श्रीवास्तव ने किया मां बम्लेश्वरी जनहितकारी समिति महिला आश्रय एवं प्रशिक्षण केन्द्र का भूमिपूजन

एकता रखना और एकता के साथ आगे बढऩा बहुत जरूरी – दिनेश श्रीवास्तव
पद्मश्री श्रीमती यादव बनाएगी केबीसी में जीती राशि से चवेली में महिला आश्रय एवं प्रशिक्षण केन्द्र

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एनएमडीसी के सलाहकार एवं छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व प्रमुख सचिव दिनेश श्रीवास्तव तथा कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम चवेली में माँ बम्लेश्वरी जनहितकारी समिति महिला आश्रय एवं प्रशिक्षण केन्द्र निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। माँ बम्लेश्वरी जनहितकारी समिति की अध्यक्ष पद्मश्री श्रीमती फूलबासन बाई यादव द्वारा महिला सशक्तिकरण तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से टेलीविजन कार्यक्रम कौन बनेगा करोड़पति में जीती राशि से लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में महिला आश्रय एवं प्रशिक्षण केन्द्र का निर्माण किया जाएगा। इस अवसर पर अतिथि द्वारा बालिकाओं को आत्मसुरक्षा के लिए कराटे कौशल तथा विभिन्न कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
एनएमडीसी के सलाहकार एवं छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व प्रमुख सचिव श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारे देश का भविष्य हमारे बच्चों पर निर्भर है। उन्हें सशक्त और ताकतवर बनाना जरूरी है। जीवन में परेशानियां, तकलीफ आने पर भी इससे घबराना नहीं है, बल्कि इन परेशानियों को हराते हुए हमें जीतना है। उन्होंने कहा कि आपस में एकता रखना बहुत जरूरी है। जब तक आपस में एकता है, तब तक हमारे पास ताकत है और यह ताकत माँ बम्लेश्वरी स्वसहायता समूह में है। एकता रखना और एकता के साथ आगे बढऩा बहुत जरूरी है। महिला स्वसहायता समूह द्वारा पिछले वर्षों से लगातार मेहनत किया गया है। जिसका परिणाम है कि सभी महिलाएं आज सशक्त है। उन्होंने सफाई, पढ़ाई और भलाई पर बल देते हुए कहा सफाई का अर्थ जब से बच्चे का जन्म होता है, तब से स्वयं और आसपास साफ – सफाई का ध्यान रखना। पढ़ाई के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है, क्योंकि बच्चे देश का भविष्य है। एकता से ही ताकत आती है और इससे ही हर मुश्किल कार्य किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब भी मानसिक परेशानी आती है तो हमेशा एक बात याद रखें, हमारा सबसे अच्छा समय आने वाला है। हमारे बच्चे हमारे लिए सफलता लाएंगे। उन्होंने कहा कि परिवार एवं समाज को स्वस्थ रखने के लिए पहले स्वयं का स्वास्थ्य अच्छा होना आवश्यक है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए मेडिटेशन और योगा करना चाहिए तथा शारीरिक स्वास्थ्य और फीट रहने के लिए व्यायाम और तेजी से चलने की प्रक्रिया करनी चाहिए। वर्तमान में बच्चों का सबसे बड़ा दुश्मन मोबाईल है। बच्चों को इसका सीमित उपयोग करने के लिए कहे। उन्होंने कहा कि मानसिक शांति के लिए सभी अपने माता और पिता का हाथ पकड़ कर 10 मिनट तक बैठे और उनसे बातें करें। इससे हमारे रिश्ते और भी अच्छे होंगे और मानसिक शांति भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारे बाद यहां की बालिकाएं सभी कार्य संभालेंगी। ये बालिकाएं देश को आगे ले जाएंगी और इस समूह का प्रतिनिधित्व करेंगी।
कलेक्टर  टोपेश्वर वर्मा ने कहा कि वर्ष 2002-03 में स्वसहायता समूह प्रारंभ हुआ था। लेकिन आज इस समूह का विस्तार अधिक क्षेत्रों में हुआ है। शासन की अनेक योजना समूह के माध्यम से ही की जा रही है। गरीब उन्मूलन से लेकर आर्थिक सशक्तिकरण के कार्य महिला स्वसहायता समूह के माध्यम से हो रहा है। आज कम पढ़ी-लिखी महिलाओं की समझ में वृद्धि हुई है। जिससे वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। राजनांदगांव की महिला स्वसहायता समूह का कार्य पूरे देश में जाना जाता है। महिला स्वसहायता समूह के माध्यम से संघर्ष करते हुए पद्मश्री फूलबासन बाई यादव को सम्मानित किया गया है। उनके द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए आश्रय और प्रशिक्षण केन्द्र का निर्माण बहुत ही सराहनीय है। यहां अनेक राज्यों की महिलाएं जुडऩे के लिए प्रेरित हुई है। कलेक्टर श्री वर्मा ने समूह के माध्यम से अपील करते हुए कहा कि समाज में आज भी अंधविश्वास,कुप्रथा है जिसे दूर करने की जरूरत है। महिला स्वसहायता समूह द्वारा इस पर कार्य करना चाहिए। महिला स्वसहायता समूहों के द्वारा जिले में अवैध शराब पकडऩे में सफलता भी मिली है। यह कार्य बहुत ही प्रशंसनीय है। महिला स्वसहायता समूह द्वारा आर्थिक लाभ और स्वरोजगार के कार्य भी किए जा रहे हैं।
पद्मश्री फूलबासन बाई यादव ने कहा कि मिट्टी भी सोना का रूप ले सकती है। मां बम्लेश्वरी स्वसहायता समूह की बेटियां आत्म सुरक्षा के लिए प्रशिक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि समाज में अज्ञानता दूर करने के लिए समूह की महिलाएं इसमें लगातार कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि एनएमडीसी के सलाहकार एवं छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व प्रमुख सचिव श्री दिनेश श्रीवास्तव द्वारा मां बम्लेश्वरी स्वसहायता समूह की जड़ तैयार किया गया था। आज उसका विस्तार पूरे क्षेत्र में हुआ है। उन्होंने कहा था जिन्दगी जीना है तो संघर्ष करना पड़ेगा। पद्मश्री श्रीमती फूलबासन बाई यादव ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महिला आश्रय और प्रशिक्षण केन्द्र निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहां सभी प्रकार के उत्पाद मिर्ची, धनिया, चावल, साग-सब्जी जैविक तरीके से उगाया जाएगा। जिसका प्रशिक्षण महिलाओं को दिया जाएगा और वे घर की बाड़ी में इसका उपयोग कर साग-सब्जी लगा सके। इस केन्द्र में मछलीपालन भी किया जा रहा है। महिला आश्रय में महिलाओं को आश्रय प्रदान किया जाएगा और यहां रहकर आत्मनिर्भरता के लिए कार्य भी करेंगे साथ ही विभिन्न कार्यों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि रायपुर के अलावा राज्य के अनेक महिलाओं ने स्वसहायता समूह से जुडऩे के लिए संपर्क किया है। उनके समूह द्वारा बेटियों को आत्मसुरक्षा की ट्रेनिंग दी जा रही है। ताकि अपने साथ अपने परिवार की सुरक्षा कर सकें। नशा के लिए समूह की महिलाएं शराब पकडऩे का कार्य भी कर रही है। कार्यक्रम में मां बम्लेश्वरी स्वसहायता समूह के जिला कार्यक्रम समन्वयक शिव कुमार देवांगन,  सुनील कुमार,  डालेश्वर साहू,  विनोद साहू, श्री निरंजन साहू,  पुष्पा साहू,  पद्मा वर्मा,  गनिया साहू,  खिलेश्वरी साहू,  अगसिया साहू,  मधुरिका रामटेके,  गोदावरी निषाद,  ममता चंद्रवंशी तथा विभिन्न विकासखंडों के मां बम्लेश्वरी स्वसहायता समूह की महिलाएं एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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