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बिलासपुर: कलेक्टर सारांश मित्तर के आदेश का असर डॉ सिद्धार्थ वर्मा पर नही, केयर एंड क्यूयोर अस्पताल कोविड-19 में फैलाया ठगी का जाल… डॉ सिद्धार्थ वर्मा एंड कंपनी को गिरफ्तार करना चाहिए, 45 वर्ष के अर्जुन सिंह के मृत्यु के बाद वसूल एक लाख 75 हज़ार रुपए

बिलासपुर: कलेक्टर सारांश मित्तर के आदेश का असर डॉ सिद्धार्थ वर्मा पर नही, केयर एंड क्यूयोर अस्पताल कोविड-19 में फैलाया ठगी का जाल… डॉ सिद्धार्थ वर्मा एंड कंपनी को गिरफ्तार करना चाहिए, 45 वर्ष के अर्जुन सिंह के मृत्यु के बाद वसूल एक लाख 75 हज़ार रुपए

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बिलासपुर (प्रदेश ख़बर) :- पूरे देश में कॅरोना महामारी का ब्यापक असर है। इससे छत्तीसगढ़ राज्य भी अछूता नहीं है। इस कॅरोना महामारी में कुछ डॉक्टर तो अपना घर परिवार छोड़कर 24 घंटे कोरोना प्रभावितों के जीवन बचाने में लगे हैं वास्तव में ऐसे चिकित्सक जनता के लिए देवदूत है। परंतु कुछ ऐसे भी डॉक्टर हैं जो ऐसे महामारी में भी आम जनता को लूटने में लगे हैं। और सरकार द्वारा जारी सभी गाइडलाइन को दरकिनार करते हुए निजी अस्पतालों के लिए सरकार द्वारा जारी फीस इंफ्रास्ट्रक्चर पैथोलॉजिकल टेस्ट का पैरालल सिस्टम लागू कर आम जनता के साथ ठगी करते हुए लाखों रुपए वसूल कर रहे। वैसे ही एक चिकित्सालय हैं पुराना प्रताप टॉकीज पर बना है अस्पताल का नाम केअर एंड केयोर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल है परंतु अस्पताल में कोई भी स्पेशलिस्ट चिकित्सक नहीं है। जानकार आदमी इस अस्पताल से काफी दूर रहते हैं। क्योंकि प्रतिदिन इस हॉस्पिटल में कोई ना कोई कारगुजारी होती है। और मीडिया मैं चर्चे का विषय बना रहता है। सबसे अधिक अस्पताल में वसूली और पैसे लेकर अच्छी चिकित्सा न करना और मरने के बाद भी डेड बॉडी ना छोड़ना इस केअर एंड केयोर अस्पताल के कर्ता-धर्ता चिकित्सक सिद्धार्थ वर्मा की पुरानी आदत है। परंतु इस बार जो काम हुआ वह मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है। चिकित्सक सिद्धार्थ वर्मा ने इस महामारी को भी ठेंगा दिखाकर कोरोना के मृत मरीज लाखों रुपए वसूली लिए। कोरबा जिले के पाली में रहने वाले 45 वर्षीय अर्जुन सिंह को कोरोना हुआ वह बिलासपुर के पुराना प्रताप टॉकीज में बना डॉक्टर सिद्धार्थ वर्मा के केअर एंड क्योर अस्पताल में दिनांक 16 अप्रैल 2021 में भर्ती हुआ। उसी समय उनका पैथोलॉजिकल टेस्ट हुआ और उस दौरान वह 60 हज़ार 840 रुपए वसूला गया। रिपोर्ट में किसी भी पैथोलॉजी कल चिकित्सक का हस्ताक्षर नहीं है। परंतु अर्जुन सिंह की स्थिति बिगड़ती गई और 17 अप्रैल 2021 कि शाम को उसकी मृत्यु हो गई। मृत्यु के पश्चात भी डॉक्टर अर्जुन सिंह के रिश्तेदार से 1 लाख ₹75हज़ार रुपए वसूल लिए। और कुछ रूप है तो अस्पताल के अकाउंट में ट्रांसफर हुआ। मृत्यु के बाद अर्जुन सिंह की रिश्तेदार चिकित्सक सिद्धार्थ वर्मा से इतना फीस देने के बावजूद उनके रिश्तेदार की मृत्यु के संबंध में जानकारी मांगी तो चिकित्सक सिद्धार्थ वर्मा आनन-फानन में डेड बॉडी को पाली भिजवा दिया। और मृतक के रिश्तेदारों से बदतमीजी की। पाली में क्रिया कर्म के बाद सभी बिहार के औरंगाबाद रवाना हो गए। जाते जाते इनके रिस्तेदार केयर एंड केयोर अस्पताल में शासन द्वारा कोविड-19 में बनाए गए नोडल अधिकारी वरुण राजपूत से बात की तो उन्होंने सारे बिल वगैरह लेकर जांच का आश्वासन दिया। मृतक अर्जुन सिंह के रिश्तेदार बिहार के औरंगाबाद में रहते हैं और वहां पर चिकित्सक एवं पैथोलॉजी चिकित्सक के खिलाफ एफ आई आर कराने का मन बना लिए हैं। बिलासपुर से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन को भी चाहिए कि ऐसे डॉक्टरों पर कढ़ाई करें और आम जनता के मध्य चिकित्सक के प्रति जो विश्वास कायम है उसे बना रहने दे।

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