

राज्य सरकार और स्वास्थ विभाग द्वारा समय-समय पर कोरोना से बचाव और नियंत्रण के लिए शासन द्वारा जारी गाइडलाईन का पालन के साथ ही सभी जरूरी ऐहतियात बरतने की अपील की जा रही है। साथ ही कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखने पर तत्काल कोरोना जांच और ईलाज करने की सलाह भी दी जा रही है। राज्य सरकार की व्यापक प्रचार – प्रसार और जागरूकता अभियान का परिणाम है कि आज समय पर स्वस्थ सुविधा मिलने से जांजगीर चांपा जिले के बलोदा विकासखंड के ग्राम खैजा निवासी ओम गिरी गोस्वामी स्वस्थ होकर वापस अपने घर पहुंच गए है। दरअसल बात यह है कि ग्राम खैजा निवासी 45 वर्षीय ओम गिरी गोस्वामी गंभीर हालत में 18 अप्रैल को महुदा के कोविड अस्पताल सह केयर सेंटर में भर्ती हुए थे।
महुदा कोविड अस्पताल के चिकित्सक और उनके स्टाफ की प्रतिबद्ध कार्यप्रणाली से कोविड संक्रमित ओम गिरी गोस्वामी को शीघ्र स्वास्थ लाभ मिला। इसके साथ ही
महुदा केयर सेंटर के चिकित्सा दल के सकारात्मक ब्यवहार और अनेक संक्रमित मरीजों का सफल इलाज कर एक आदर्श स्थापित किया है।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए जिला अस्पताल, कोविड केयर सेंटर्स में समुचित प्रबंध किये गये है। आवश्यक दवाइयां, आक्सीजन बेड, प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। साफ-सफाई, पौष्टिक भोजन, शुद्ध पेयजल, विद्युत व्यवस्था के लिए लगाए गए कर्मचारी समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। चिकित्सकों के समुचित ईलाज और स्वास्थ्य कर्मचारियों के निष्ठापूर्वक कार्य, सकारात्मक आत्मीय व्यवहार से मरीजों का मनोबल बढ़ रहा है। फलस्वरूप गंभीर कोविड संक्रमित मरीज भी स्वस्थ हो रहे हैं।
बलौदा ब्लॉक के ग्राम खैजा निवासी 45 वर्षीय ओम गिरी गोस्वामी 18 अप्रैल को गंभीर हालत में महुदा कोविड हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। समुचित ईलाज के फलस्वरूप पूरी तरह स्वस्थ होने पर उन्हें गुरूवार 29 अप्रैल को डिस्चार्ज किया गया। श्री ओम गिरी गोस्वामी ने जिला प्रशासन, चिकित्सको, स्वास्थ कर्मचारियो, सफाई कर्मीयो के प्रति आभार व्यक्त किया है।
भर्ती के समय गोस्वामी का ऑक्सीजन लेवल 82 प्रतिशत था। सांस लेने में बहुत तकलीफ थी, धड़कन बहुत तेज़ चल रहा था। उसकी हालत बहुत गंभीर थी। कोविड सेंटर पहुंचने पर डाक्टरों द्वारा तत्काल इलाज के साथ – साथ मनोवैज्ञानिक परामर्श से मरीज का हौसला बढ़या। आवश्यक दवाई, इंजेक्शन व आईवी दिया गया।
स्टाफ नर्स श्वेता सिंह, संतोषी जगत, चिकित्सा दल ने समर्पित भाव से सेवा किया। पौष्टिक भोजन और साफ-सफाई पर भी जोर दिया गया। तीन दिन में ही गोस्वामी का स्वास्थ समान्य हो गया। चिकित्सकों की निगरानी में पिछले सात दिनों से बिना आक्सीजन मास्क के उनका आक्सीजन प्रतिशत 97 से 98 के बीच दर्ज किया गया। अर्थात समय पर जांच और ईलाज मिलने पर कोरोना को हराया जा सकता हैं ।
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