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आगामी 1 नवम्बर से बायोमेट्रिक आधारित होगी धान की ख़रीदी

आगामी 1 नवम्बर से बायोमेट्रिक आधारित होगी धान की ख़रीदी

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बेमेतरा – पूरे छत्तीसगढ़ सहित बेमेतरा ज़िले में आगामी 1 नवम्बर से धान खरीदी की शुरुआत होगी। धान एवं मक्का का उपार्जन छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ एवं छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में धान की खरीदी विगत खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में संचालित और नवीन बनाए गए खरीदी केन्द्रों में की जाएगी। इस प्रकार जिले में भी सभी खरीदी केंद्रों में खरीफ विपणन धान उपार्जन केन्द्र के लिए किया जाएगा।
जिलें में खरीफ सीजन 2023-24 में जिले में अब तक एक लाख 52 हजार किसानों ने धान विक्रय हेतु सहकारी समितियों में पंजीयन कराया हैं। जो किसान अभी तक पंजीयन नहीं कराए है वह 31 इस माह की 31 अक्टूबर तक करा सकते हैं। पिछले साल 1 लाख 53 हज़ार किसानों ने धान विक्रय हेतु सहकारी समितियों में पंजीयन कराया था, जिनका रकबा 1 लाख 85 हज़ार हेक्टेयर था।
भारत सरकार द्वारा इस वर्ष 2023-24 के लिए औसत अच्छे किस्म के कॉमन धान के लिए 2183 रूपए और ए-ग्रेड धान के लिए 2203 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तय किया गया है। मक्के के लिए 2090 रूप्ए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य होगा।
समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी आगामी 01 नवम्बर से 31 जनवरी 2024 तक और मक्का की खरीदी आगामी 01 नवम्बर से 28 फ़रवरी 2024 तक की जाएगी। राज्य सरकार के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्रालय से जारी दिशा-निर्देशानुसार धान खरीफ वर्ष 2023-24 में छत्तीसगढ़ राज्य में किसानों से धान खरीदी की अधिकतम सीमा 20 क्विंटल प्रति एकड़ लिंकिंग सहित निर्धारित की गई है। इसी प्रकार मक्का खरीदी की अधिकतम सीमा 10 क्विंटल प्रति एकड़ लिंकिंग सहित निर्धारित की गई है। इस बार धान ख़रीदी कार्य में पारदर्शिता के लिए बायोमेट्रिक आधारित खाद्यान्न उपार्जन प्रक्रिया से किया जायेगा। धान और मक्का खरीदी की समस्त राशि का भुगतान किसानों के खाते में डिजिटल मोड से किया जाएगा। जारी आदेश में कहा गया है कि धान उपार्जन छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) एवं छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाइज कार्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। भारत शासन की नवीन बारदाना नीति अनुसार धान उपार्जन एवं चावल जमा करने हेतु बारदाने की आवश्यक व्यवस्था करनी होगी। नीति अनुसार धान की खरीदी नए और पुराने बोरों में की जाएगी।

Ashish Sinha

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