
महुली आंगनबाड़ी भवन हो चुका है जर्जर कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
महुली आंगनबाड़ी भवन हो चुका है जर्जर कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

जर्जर क्षतिग्रस्त आंगनबाड़ी भवन में बच्चो को भेजने से घबरा रहे अभिभावक

गोपाल सिंह विद्रोही बिहारपुर:–प्रदेश सरकार छोटे-छोटे बच्चों के अच्छे विकास, पोषण और आरंभिक शिक्षा के लिए आंगनबाड़ी संचालित किया है, लेकिन ये नन्हे बच्चे केंद्र में सुरक्षित भी है की नहीं इस और शासन प्रशासन का ध्यान नहीं है, सुरजपुर जिले के ओडगी विकासखण्ड के पंचायत ग्राम महुली में आंगनबाड़ी भवन तो बना है लेकिन भवन की स्थिति में काफी जर्जर है। आपको बता दें ऐसा लगता है,की यहां ना तो कोई अधिकारी तक जायजा लेने आते हैं। और न हीं बच्चों की सुरक्षा की तरफ किसी का ध्यान जाता है
क्षेत्र में शासन ने इसी तरह कई साल पहले बनाए सरकारी भवन एक-एक करके क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। अस्तु इन भवनों में आगनबाड़ी संचालित करना खतरनाक है। महुली के इस आंगनबाड़ी में संचालित करना बच्चों सहित सहायिका,आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को जान जोखिम में डालकर बैठना पड़ता है, वैसे जिला प्रशासन एवं ग्राम पंचायत की ओर से इस आंगनवाड़ी भवन के तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिससे आंगनवाड़ी भवन भरभरा कर बड़ा बड़ा पत्थर जैसा गिर रहा है।कई वर्ष बीत गए लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने इसकी मरम्मत नहीं कराई है। इन भवनों में कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है,इसके जिम्मेदार होगा कौन.. इस भवन की छत से टपकता है पानी लेकीन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका करें भी तो क्या । पुराना होने के कारण कमजोर प्लास्टर व रोशनदान का दोनो छज्जा टूट कर झूल गई है। इस कारण अभिभावक अपने बच्चों को केन्द्र पर भेजने से डर रहे हैं। बच्चों के अभिभावकों ने बताये कि बारिश के मौसम में इसकी हालत और भी खराब हो जाती है। ऐसी हालत में केन्द्र का सुचारू रूप से संचालन एवं क्रियान्वयन करना कार्यकर्ता एवं सहायिका की मजबूरी बन गया है, तथा कोई भी संबंधित विभाग के साथ जनप्रतिनिधि इस आंगनवाड़ी पर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं, आने वाले भविष्य में यदि कोई अनहोनी हो जाए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
फिलहाल बरसात के मौसम को लेकर स्थिति और भी दयनीय हो गई है












