
ED की बड़ी कार्रवाई: SSPL से जुड़े दिल्ली-NCR ठिकानों पर FEMA के तहत छापेमारी, 6 करोड़ से अधिक विदेशी फंडिंग की जांच, हरजीत सिंह गिरफ्तार
प्रवर्तन निदेशालय ने FEMA के तहत SSPL से जुड़े दिल्ली-NCR ठिकानों पर छापेमारी की। 2021-25 के बीच 6 करोड़ से अधिक विदेशी फंडिंग की जांच, हरजीत सिंह के घर से भारी मात्रा में शराब बरामद, गिरफ्तारी।
प्रवर्तन निदेशालय (ED), मुख्यालय ने 05 जनवरी 2026 को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), 1999 के तहत दिल्ली-NCR में M/s Satat Sampada Private Limited (SSPL) से जुड़े विभिन्न परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई 2021 से 2025 के बीच SSPL को प्राप्त 6 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध विदेशी धनराशि (Foreign Inward Remittances) की जांच के सिलसिले में की गई।
ईडी के अनुसार, गाजियाबाद स्थित यह कंपनी हरजीत सिंह और उनकी पत्नी ज्योति अवस्थी द्वारा संचालित की जा रही है। जांच में सामने आया कि विदेशी संस्थाओं से प्राप्त फंड को “कंसल्टेंसी चार्ज” के नाम पर दिखाया गया, जबकि दस्तावेजों के क्रॉस-वेरिफिकेशन में संकेत मिले कि इन पैसों का वास्तविक उद्देश्य Fossil Fuel Non-Proliferation Treaty (FF-NPT) से जुड़ा एजेंडा भारत में आगे बढ़ाना था।
ईडी का दावा है कि FF-NPT को जलवायु पहल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, लेकिन इसके अपनाए जाने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक विकास और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कानूनी स्थिति प्रभावित हो सकती है। एजेंसी ने इसे विदेशी प्रभाव से संचालित एक्टिविज़्म से जोड़कर देखा है।
जांच में यह भी सामने आया कि SSPL खुद को एक ऑर्गेनिक खेती और एग्रो-प्रोड्यूस मार्केटिंग कंपनी के रूप में प्रस्तुत करती है, लेकिन ईडी के मुताबिक यह गतिविधि एक फ्रंट हो सकती है। विदेशी फंड का उपयोग भारत में कथित तौर पर नीतिगत विमर्श को प्रभावित करने और विदेशी संस्थाओं के नैरेटिव को आगे बढ़ाने में किया गया।
ईडी ने बताया कि गाजियाबाद में SSPL के निदेशक हरजीत सिंह के आवास पर तलाशी के दौरान भारतीय और विदेशी ब्रांड की भारी मात्रा में शराब, तय सीमा से अधिक, बरामद की गई। इस जानकारी को तत्काल उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग को साझा किया गया, जिसके बाद विभाग ने शराब जब्त करते हुए UP Excise Laws के उल्लंघन में हरजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
ईडी हरजीत सिंह की विदेशी यात्राओं की भी जांच कर रही है, जिनमें फरवरी 2025 में पाकिस्तान की यात्रा और ‘Breathe Pakistan Summit’ में उनकी भागीदारी शामिल है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन यात्राओं के दौरान किन व्यक्तियों और संगठनों से संपर्क हुआ।
ईडी ने साफ किया है कि मामले में आगे की जांच जारी है और विदेशी फंडिंग से जुड़े सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है।









