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जेबीसीसीआई की बैठक में श्रमिकों के लिए एटक 1,00,000 रु बोनस की करेगी मांग

जेबीसीसीआई की बैठक में श्रमिकों के लिए एटक 1,00,000 रु बोनस की करेगी मांग

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गोपाल सिंह विद्रोही बिश्रामपुर- श्रमिक संगठन एटक के एसईसीएल महामंत्री कामरेड हरिद्वार सिंह ने कहा कि 2 सितम्बर को जेबीसीसीआई को होने वाली बैठक मे इस वर्ष कोयला कर्मचारियो को सालाना बोनस 1 लाख मिले की मांग किया जायेगा।
नागपुर मे संपन्न आईएमडब्ल्यूएफ के सम्मेलन का हरिद्वार सिंह के संयुक्त महासचिव तथा का अजय विश्वकर्मा के सचिव बनने पर दोनों नेताओं का गर्मजोशी से कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया । संगठन के क्षेत्रीय अध्यक्ष अजय विश्वकर्मा के अध्यक्षता में आज आयोजित सभा को सम्बोधित करते हुए कामरेड हरिद्वार सिंह ने कहा 1920 में एटक का गठन हुआ था 1923 में एटक के दबाव में कंपनसेशन एक्ट बना था एटक के नेतृत्व में सैकड़ों हड़ताल के बाद 1926 में ट्रेड यूनियन एक्ट बना था एटक के ही दबाव में 1936 में वेजेस एक्ट बना था मौजूदा सरकार 4 लेबर कोड लाकर मालिक पक्षी कानून बना दिया है मजदूरों के 100 साल के संघर्ष से हासिल श्रम कानून को खत्म कर दिया है भारत सरकार ने मजदूर हित में कौन सा अच्छा काम किया है भारत सरकार ने पेंशन खत्म कर दीया नियमित अवधि के लिए रोजगार देना रेल भेल तेल हवाई जहाज एयरपोर्ट और यहां तक हाईवे को बेच देना सरकार का अच्छा काम है कोयला उद्योग में निजीकरण को बढ़ावा देना कोल इंडिया को खंड खंड में बांट देना नियमित मजदूरों के भर्ती को बंद कर देना 940 को बंद कर देना अप्रेंटिस एक्ट 1961 को समाप्त कर देना क्या सरकार का अच्छा काम है रेलवे में वरिष्ठ नागरिक को मिलने वाला यात्रा में 50 परसेंट की छूट को समाप्त कर देना 5 साल से 12 साल के बच्चे का हाफ टिकट खत्म कर देना 1 साल के बच्चे पर पूरा टिकट का पैसा वसूल करना सरकार का अच्छा काम है कुछ संगठन लेबर कोड का समर्थन कर रही है उसमें मालिक और मजदूर के रिश्ते को ही खत्म कर दिया गया है अब ट्रेड यूनियन बनाना बहुत जटिल हो गया है इसीलिए कुछ संगठन को को पूंजी पतियों की हितेषी यूनियन कहा जाता है तो निश्चित रूप से उनके सोच के अनुरूप कहा जाता है।

Ashish Sinha

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