श्रीमद् भागवत कथा सुनने से मनुष्य तो क्या प्रेत की भी मुक्ति हो जाती है

श्रीमद् भागवत कथा सुनने से मनुष्य तो क्या प्रेत की भी मुक्ति हो जाती है

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गौरी शंकर मंदिर परिसर में श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव का आयोजन

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गोपाल सिंह विद्रोही/बिश्रामपुर श्रीमद् भागवत कथा सुनने से मनुष्य तो क्या प्रेत की भी मुक्ति हो जाती है। श्रीमद् भागवत कथा मानव जाति के लिए प्रेरणा स्रोत है। मनुष्य को सही मार्ग पर ले जाने का एक सशक्त माध्यम है।
उक्त उदगार सप्ताह तक चलने वाला गौरी शंकर मंदिर विश्रामपुर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव के मुख्य कथावाचक महाराज अशोक कृष्ण जी ने श्रीमद् भागवत कथा का महत्व का वर्णन करते हुए कहीं। कथावाचक महाराज ने कहां की धुंधकारी जैसे प्रेत की मुक्ति हुई ।आत्म देव जी महाराज के पुत्र गोकर्ण एवं धुंधकारी दोनों एक ही मां के पुत्र थे परंतु मां की ऐसी शिक्षा की एक महान पंडित निकला और अपने पिता का नाम रोशन किया एवं आत्म तत्व का उपदेश दिया तो धुंधकारी पुत्र पिता के नाम को बदनाम किया । श्रीमद् भागवत कथा हर प्राणी को जीवन जीने का रास्ता बताता है ,अधिकार एवं कर्तव्य बोध कराता है। अता:जीवन जीने के लिए हर व्यक्ति को श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करनी चाहिए ।एवं श्री गीता का अध्ययन करना चाहिए। कथावाचक अशोक कृष्णा महाराज मधुर संगीत के साथ उपस्थित जनों को श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करा रहे हैं ।महाराज के साथ संगत पर तबला वादक अरविंद पाठक, आर्गन पर मिथिलेश मिश्रा, पैड पर मनीष सहित आचार्य अतुल, गुरुप्रसाद ,वेद प्रकाश शुक्ला स्वर दे रहे ।श्रीमद् भागवत कथा सुनने के लिए भीड़ उमड़ रही है ।लोगों को बैठने के लिए विशाल पंडाल के साथ कुर्षिया भी लगाई गई है ।
उल्लेखनीय है कि विश्रामपुर में श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ पिछले 5 दिसंबर को गौरी शंकर मंदिर प्रांगण में प्रारंभ हुआ जो 12 दिसंबर तक चलेगा, जिसके लिए नगरवासी गौरी शंकर मंदिर प्रांगण विशाल पंडाल निर्माण एवम नगर के विभिन्न कालोनियों में लाउडस्पीकर लगाए है। प्रति दिवस अपरान्ह 2 बजे से संध्या 7 तक श्रोताओं को कथा का रसास्वादन पंडितमुख से कराया जा रहा है। आयोजन समिति ने कोयलांचल वासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भक्ति के सागर में डूबने की अपील की जा रही है ।कथा का सीधा प्रसारण यूट्यूब पर भी किया जाएगा