लॉकडाउन में किसानों के ऊपर आर्थिक बोझ जिला उपाध्यक्ष

लॉकडाउन में किसानों के ऊपर आर्थिक बोझ जिला उपाध्यक्ष

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आज देश कठिन से कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है वहीं हिंदुस्तान की आत्मा गांव को कहा जाता है क्योंकि देश के 80% जनसंख्या गांव में निवास करता है और वह मूल रूप से किसान है सवा सौ करोड़ देशवासियों की पेट भरने वाले किसान की आत्मा आज दुखी है क्योंकि नरेंद्र मोदी की सरकार ने पिछले वर्ष की लॉकडाउन में चोर दरवाजे से खेती के ऊपर 3 काले कानून लाकर किसानों के गले में फंदा लगा दिया और किसान उस बिल का आज तक विरोध कर रहे हैं मन जाल है प्रधानमंत्री उस बिल को वापस लेने के बारे में चर्चा करें
वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री जी ने इन काले कानूनों के 1 वर्ष बीत जाने के बाद कोरोना काल का दूसरा चरण चालू होता है और देश में लॉक डाउन हो जाता है तो चुपके से कृषि मंत्रालय द्वारा किसानों के बहू उपयोगी खाद डीएपी का दाम बढ़ा दिया गया वही खाद्य जो हम किसानों को 12 सो रुपए में मिलता था डीएपी जिसकी कीमत अट्ठारह सौ रुपए कर दिया गया वही एनपीके 12 32 16 खाद का भाव 1747 रुपए कर दिया गया जबकि धान के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले पोटाश का कीमत बढ़ाकर₹1000 कर दिया गया क्या मोदी सरकार को सोचने और समझने की शक्ति 0 हो गई है जो किसान आज पूरा देश बंद है फिर भी हम किसानों के द्वारा उप जाए हुए अन्न को क्या उद्योगपति क्या अभिनेता क्या नेता क्या सरकारी महकमा के बड़े अफसर अधिकारी सभी लोग हमारे द्वारा उड़ जाए हुए अन्य की रोटी को ग्रहण कर अपनी कलम चला रहे हैं और हम किसानों के ऊपर ही कुठाराघात कर रहे हैं मैं नरेंद्र मोदी जी से निवेदन करता हूं की देश की आत्मा किसान के बारे में थोड़ा गंभीर होकर सोचे और अपनी मन की बात से ऊपर उठकर किसानों के हित में निर्णय लेते हुए इन खाद का भाव कम करें
वही मैं माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी से निवेदन करना चाहता हूं क्योंकि माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी अति संवेदनशील मुख्यमंत्री है किसानों के प्रति उनकी सोच उनकी विश्वास उनके काम करने की शैली यह बताता है कि वह किसानों के प्रति गंभीर है क्योंकि उन्होंने किसानों के फसल धान की कीमत ₹25 कर दी तो वही हमारे गौव पालक साथियों के लिए गोधन न्याय योजना लाइ जिनकी सराहना देश में नहीं बल्कि विदेशों में भी हुई वही माननीय मुख्यमंत्री जी ने नरवा गरवा घुरवा बारी योजना लाकर किसानों के बाड़ी को महक आने का काम किया तो वही गांव में गठान बना कर गायों से जो नुकसान होता था फसलों को उसे बचाने का काम किया मैं माननीय मुख्यमंत्री जी से एक और निवेदन करना चाहता हूं माननीय मुख्यमंत्री जी केंद्र की सरकार ने तो अपनी काम कर दिया खाद का दाम बढ़ाकर लेकिन मैं आपसे निवेदन करता हूं कि हम किसानों को इन बड़े हुए खाद के दामों में सब्सिडी देकर हमारे जीवन को खुशहाल बनाएं और हमारी आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करें

राजनांदगांव से मानसिंग की रिपोर्ट……