
‘नाथूराम गोडसे मुर्दाबाद’: मनरेगा से गांधी नाम हटाने को लेकर CM साय पर भूपेश बघेल का तीखा हमला
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर महात्मा गांधी के अपमान का आरोप लगाया। मनरेगा से गांधी नाम हटाने को बताया ‘गोडसेवादी सोच’, कहा– गांधी इस देश और दुनिया की धरोहर हैं।
रायपुर// छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने महात्मा गांधी के नाम से जुड़े मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में भूपेश बघेल ने लिखा —
“नाथूराम गोडसे मुर्दाबाद! गोडसेवादी मुर्दाबाद!”
भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री साय के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि महात्मा गांधी ने अपने अंतिम क्षणों में “हे राम” कहा था। इस पर पलटवार करते हुए बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री को यह भी याद रखना चाहिए कि ये शब्द उस वक्त निकले थे जब आरएसएस सदस्य और सावरकर के चेले नाथूराम गोडसे ने गांधी जी को गोली मारी थी।
उन्होंने कहा कि गोडसे की गोली गांधी को मिटाने की कोशिश थी, लेकिन गांधी को मिटाया नहीं जा सका। आज भी वही गोडसेवादी मानसिकता गांधी के नाम और विचारों को मिटाने की कोशिश कर रही है। मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) से गांधी का नाम हटाना उसी सोच का परिणाम है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी कांग्रेस के नहीं, बल्कि पूरे देश और दुनिया की धरोहर हैं। उनके नाम पर देश-विदेश में सड़कों, विश्वविद्यालयों और संस्थानों का होना इसका प्रमाण है। उन्होंने कई प्रमुख संस्थानों का उदाहरण देते हुए कहा कि गांधी का नाम उन स्थानों पर दर्ज है, जहां “आपके नेता जीवन भर भी नहीं पहुंच पाएंगे।”
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रधानमंत्री के प्रवक्ता की भूमिका में आकर राष्ट्रपिता का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ के महापुरुषों स्व. खूबचंद बघेल और स्वामी आत्मानंद के नाम मिटाने की भी कोशिश कर रही है।
अंत में भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा से गांधी का नाम हटाने के ‘गोडसेवादी षड्यंत्र’ का लगातार विरोध करती रहेगी।
उन्होंने अपने बयान का समापन इन शब्दों के साथ किया —
“महात्मा गांधी जी अमर रहें!”










