
वोट काटने की साज़िश पर सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग, Form-7 दुरुपयोग का आरोप
पीडीए समाज के वोट काटने की साज़िश का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की गई। Form-7 के दुरुपयोग पर रोक, BLO प्रताड़ना पर FIR और मताधिकार की रक्षा की मांग।
वोट काटने की साज़िश पर सर्वोच्च न्यायालय तत्काल संज्ञान ले: पीडीए समाज के मताधिकार की रक्षा की मांग
लखनऊ |पार्टी की ओर से कहा गया है कि देश में लोकतंत्र और संविधान पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। भाजपा और उसके सहयोगियों पर आरोप है कि वे उत्तर प्रदेश में BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) को प्रताड़ित कर, दबाव बनाकर और धमकाकर पीडीए समाज, विशेषकर अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं के वोट फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों के आधार पर काटने की साज़िश कर रहे हैं।
प्रेस नोट में कहा गया है कि जब लोकतांत्रिक संस्थाओं से न्याय की उम्मीद कमजोर पड़ती दिख रही है, तब माननीय सर्वोच्च न्यायालय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की जाती है, ताकि हर नागरिक के मतदान के संवैधानिक अधिकार की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पार्टी ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया में फ़ार्म-7 का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है। इसके माध्यम से वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के मूल ढांचे पर सीधा हमला है। मांग की गई है कि फ़ार्म-7 के दुरुपयोग पर तत्काल रोक लगाई जाए।
प्रेस नोट में स्पष्ट मांग रखी गई है कि
- BLO पर दबाव डालने, धमकाने और ज़बरदस्ती करने वालों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए।
- ऐसे मामलों की फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराई जाए।
- जब तक पूरी तरह पारदर्शी और वैध व्यवस्था नहीं बन जाती, तब तक फ़ार्म-7 के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाए।
- अब तक जमा किए गए सभी फ़ार्म-7 को रद्द-निरस्त किया जाए।
- मतदाता सूची से जुड़े दावा-आपत्ति की समस्त गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
पार्टी ने यह भी मांग की कि देश की जनता के वोट काटने की इस कथित साज़िश के पीछे सक्रिय देश विरोधी ताक़तों की न्यायिक जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई देश के सामने आ सके।
प्रेस नोट में देश के ईमानदार पत्रकारों और अधिकारियों से अपील की गई है कि वे सामने आएं और लोकतंत्र व संविधान की रक्षा के लिए इन कथित देश विरोधी ताक़तों के खिलाफ आवाज़ बुलंद करें।
इसके साथ ही पीडीए प्रहरियों से आह्वान किया गया है कि वे हर वैध वोट को बनाने और बचाने के लिए पूरी मुस्तैदी से कार्य करें। पार्टी ने कहा है कि भाजपा की यह कथित धांधली उसकी आने वाली हार की हताशा का परिणाम है। पीडीए कार्यकर्ताओं से अपील की गई है कि वे भाजपा से जुड़े कथित घपलों के सबूत इकट्ठा करें और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी करें।
प्रेस नोट के अंत में कहा गया है कि जैसे-जैसे पीडीए परिवार मजबूत हो रहा है, वैसे-वैसे भाजपा का डर बढ़ता जा रहा है, और यही डर लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिशों में सामने आ रहा है।











